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खतरे में अस्तित्व: ससुरखदेरी नदी को पाट कर प्लाटिंग कर रहे भूमाफिया

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Survival in danger: the land mafia platting along the Sasurakheri river - फोटो : KAUSHAMBI
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कमाई के लिए भूमाफिया ने नदी का अस्तित्व खतरे में डाल दिया है। चायल तहसील क्षेत्र के तिल्हापुर मोड़, मखऊपुर और आसपास के गांवों के पास ससुर खदेरी नदी को पाटकर प्लाटिंग की जा रही है। आसपास के लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन से भी की है लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जानकारों का मानना है कि वक्त रहते इस पर रोक नहीं लगी तो नदी का अस्तित्व संकट में पड़ेगा। साथ ही नदी पाटने से बरसात में कई गांव बाढ़ से प्रभावित भी हो सकते हैं।
चायल तहसील में ससुरखदेरी नदी के किनारे तिल्हापुर मोड़, कोटिया, मखऊपुर, पिपरी, मुरादपुर, बलहेपुर, कसेंदा आदि गांव बसे हैं। इन गांवों के आसपास नदी किनारे की भूमि पर भूमाफिया ने कब्जा कर लिया है। माफिया दिन रात नदी को पाटकर प्लाटिंग कर रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि इन गांवों के आसपास कई एकड़ में अवैध प्लाटिंग हुई है। ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने मामले की शिकायत प्रशासन से की। लेकिन प्रशासन ने इसको गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण अब भी नदी किनारे प्लाटिंग चल रही। किनारे हो रही अवैध प्लाटिंग से नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। इतना ही नहीं प्लाटिंग के कारण कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
प्रभावित हो रहे एक दर्जन गांव
चायल। ससुर खदेरी नदी किनारे हो रहे अवैध कब्जे से ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ससुरखदेरी नदी पाट दी गई तो चायल, चलौली, मखऊपुर, तिल्हापुर मोड़, कोटिया, पिपरी, बूंदा, बरेठी, तिलगोड़ी, पेरई , मुरादपुर, लालापुर गांव के लोग बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाएगी।
ससुर खदेरी नदी और उसके आसपास की जमीनों पर अवैध कब्जे की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराकर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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ज्योति मौर्या, एसडीएम चायल
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