तीन दिन बाद शुक्रवार को जिले में धूप देखने को मिली। मौसम साफ हुआ, लेकिन शीतलहर और गलन हावी रहने से लोग परेशान रहे। धूप निकली तो बाजारों और सड़कों पर भी चहल-पहल बढ़ गई। सर्दी से बेहाल लोगों ने गुनगुनी धूप का आनंद भी लिया।
कई दिन से परेशानी का कारण बनी शीतलहरी से शुक्रवार को लोगों को थोड़ी राहत मिली। सुबह तो कड़ाके की सर्दी रही, लेकिन दोपहर में धूप खिल गई। मौसम की खराबी के कारण बाजारों से गायब हुई रौनक लौट आई। बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड समेत प्रमुख चौराहों और बाजारों में खासा चहल-पहल रही।
रोही के दीपचंद्र ने बताया कि परिवार में शादी समारोह है। परिजनों के साथ खरीददारी के लिए जाने की कई दिन से सोच रहा था, लेकिन सर्दी की वजह से घर से निकल नहीं पा रहे थे। धूप दिखी तो बाजार जाकर खरीददारी की।
समदा के बुजुर्ग मो. अयाज ने बताया कि कई दिन से सर्दी ने बेहाल कर दिया था। धूप खिली तो राहत मिली। गांधी नगर ही ममता ने बताया कि तीन दिन से बच्चों को घर से निकलने नहीं दिया था। सूर्य देव ने दर्शन दिए तो बच्चों को बाहर जाकर खेलने का मौका मिला।
सेहत पर भार पड़ रही ठंड
कड़ाके की ठंड लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। लोगों की नसें अकड़ रही हैं। सिर भारी होना, चक्कर आना, उल्टी-दस्त के साथ बुखार और सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ गए हैं।
लोग आग तापते हुए घर में ही ज्यादा समय व्यतीत कर रहे हैं। सर्दी का प्रकोप है और बर्फीली हवाएं नश्तर की तरह चुभ रही हैं। इस वजह से लोगों के जोड़ों में दर्द, सर्वाइकल पीड़ित लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
जिला अस्पताल के अधीक्षक रहे डॉ. दीपक सेठ के मुताबिक इस वक्त हल्का और सुपाच्य भोजन लें। गुनगुना पानी ही पीएं। शुगर-बीपी है तो नियमित दवाएं लें और समय-समय पर चिकित्सक से परामर्श भी लें। दिक्कत महसूस हो तो खुद डॉक्टर बनकर दवा न लें, विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवा लें।