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पारा फिर 43 पार, राहत के नहीं आसार

Tue, 17 May 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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द्वाबा में गर्मी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह आठ बजे से ही आसमान से बरसी आग से पारा फिर 43 पार हो गया है। गर्म हवाओं के थपेड़े राहगीरों के लिए जानलेवा बने हैं। इससे लोगों को घर-बाहर कहीं भी राहत नहीं है। बदलते मौसम से लोग सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे है। डाक्टरों की भी सलाह है कि भीषण गर्मी में धूप से खुद को बचाना जरूरी है। साथ ही इस मौसम में खान-पान में बरती गई जरा सी लापरवाही घातक हो सकती है।
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कौशाम्बी में गर्मी अपने पूरे चरम पर आ गई है। सुबह आठ बजते-बजते आसमान से धूप के रूप में आग बरसने लगती है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के डा अजय कुमार के मुताबिक चार दिनों से दिन का पारा फिर 43 पार चल रहा है। मंगलवार को दिन में एक बजे तापमान 43. 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। दिन का पारा 43 पार करने से भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। तेज धूप के साथ ही गर्म हवाओं के थपेड़े राहगीरों के लिए जानलेवा बने हुए हैं। दोपहर में बाइक से सड़कों पर निकलने पर लगता है कि सड़क से आग निकल रही है। गर्म हवाओं के कारण चेहरे के झुलसने का एहसास होता है। घरों में लगे पंखों से भी गर्म हवाएं निकल रही है। इससे सुबह नौ बजे से लेकर रात आठ बजे तक घर-बाहर कहीं भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। लोगों का कहना है कि मई में गर्मी का ऐसा कहर है, तो जून में कैसे हालात होंगे।

वहीं डाक्टर भी गर्मी और धूप से बचकर रहने की सलाह देते हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा विजय केशरवानी का कहना है कि गर्मी और धूप से बचने में की गई लापरवाही जानलेवा बन सकती है। उन्होंने लोगों को गर्मी के मौसम में खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की सीख दी। बताया कि जरूरी होने पर ही धूप में लोग घर से बाहर निकले। इस दौरान हल्के सूती कपड़े पहनने के अलावा लोग सिर को भी ढककर रखे। कभी भी खाली पेट बाहर न निकले। पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ, ताजे रसीले फल का सेवन करें। बताया कि खाली पेट धूप में निकलने से लोग हीटस्ट्रोक की चपेट में आ सकते हैं, जो जानलेवा है।
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