पशुपालन विभाग की महत्वपूर्ण पशुधन बीमा योजना इन दिनों सब्सिडी की बाधा का दंश झेल रही है। बीमित राशि मिलना तो दूर अब बीमा कराना मुश्किल हो गया है। इससे पशुपालकों को उनके पशुओं की मृत्यु या नुकसान की स्थिति में मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
यह योजना कम प्रीमियम पर पशुओं का बीमा उपलब्ध कराती थी, जिससे अचानक होने वाले नुकसान की भरपाई हो जाती थी। हालांकि, लंबे समय से सब्सिडी जारी न होने के कारण बीते करीब सात महीने से सामान्य और ओबीसी कैटेगरी के पशुपालकों को छोड़कर केवल अनुसूचित जाति को बीमा का लाभ मिल रहा था। मौजूदा समय में सभी के लिए प्रक्रिया रुक गई है। इस वजह से नए बीमा नहीं हो पा रहे हैं, वहीं पुराने बीमा धारकों को भी असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग की पशुधन बीमा योजना के तहत पशुपालकों को बीमा धन का केवल 15 फीसदी भुगतान करना पड़ता है जबकि निजी क्षेत्र की बीमा कंपनी से बीमा करने से खर्चा बहुत बढ़ जाएगा। विभाग से योजना तुरंत चालू होनी चाहिए। - पवन, पशुपालक
सरकारी बीमा योजना बंद होने से पशुपालकों का जोखिम बहुत बढ़ गया है। जिन पशुओं का बीमा नहीं है उनकी मौत होने पर आर्थिक नुक्सान की भरपाई नहीं होगी।- सैफ अली,पशुपालक
योजना का संचालन निदेशालय स्तर से होता है। सब्सिडी की धनराशि उपलब्ध नहीं होने से योजना बंद है।निर्देश मिलते ही इसे फिर से शुरू कर दिया जाएगा और पात्र पशुपालकों को लाभ दिलाया जाएगा। कुछ दिनों के भीतर योजना फिर से चालू होने की उम्मीद है। - डॉ. अशोक कुमार, सीवीओ
पवन,पशुपालक