शाहपुर विद्युत उपकेंद्र अहिरन का पुरवा गांव की भूमि पर बना है। इस उपकेंद्र से दर्जनों गांव की विद्युत आपूर्ति होती है, जहां उपकेंद्र है, वह गांव अंधेरे में ही रहता है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी आज तक इस गांव में विद्युतीकरण नहीं कराया गया, जबकि बस्ती से उपकेंद्र की दूरी मात्र सात सौ मीटर है। इससे लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने उपकेंद्र में ताला बंदी की चेतावनी दी है।
शाहपुर उपकेंद्र अहिरन का पुरवा गांव की भूमि पर बना है। सड़क किनारे विद्युत उपकेंद्र स्थित है। इस उपकेंद्र से दर्जनों गांव को आपूर्ति दी जाती है, लेकिन विडंबना देखिए कि अहिरन का पुरवा गांव के लोगों को बिजली नहीं मिल रही है। इस गांव में अब तक बिजली आपूर्ति के लिए लाइन ही नहीं बनाई गई है। गांव के लोगों ने कई बार इसकी मांग भी की, लेकिन लाइन बनाने का कार्य नहीं शुरू हुआ। चार माह पहले ग्रामीणों ने मुख्यालय में प्रदर्शन किया तो तत्कालीन एक्सईएन ने गांव का सर्वे कर बिजली बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया।
इसके बाद भी अभी तक कोई भी बिजली कर्मी वहां झांकने नहीं गया। गांव का ही मुनेश यादव शाहपुर उपकेंद्र में संविदा कर्मी है, उसने भी तमाम प्रयास किए, लेकिन गांव तक बिजली नहीं पहुंच सकी। गांव के मुन्ना यादव, रामवचन यादव, बच्चीलाल यादव, शिवबरन यादव, शिवसिंह, रामबली, संतोष आदि का कहना है कि यदि गांव में विद्युतीकरण न कराया गया तो वह आंदोलन करेंगे। जल्द ही उपकेंद्र का घेराव कर उसका ताला बंद कर देंगे।