चरवा के सझिया गांव में 14 वर्ष पहले हाईस्कूल की परीक्षा में पेपर खराब होने से आहत किशोर लापता हो गया था। आरोप है कि तहरीर के बावजूद कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित भाई ने कोर्ट का सहारा लिया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को 14 वर्ष बाद नाबालिग के अगवा होने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चरवा कस्बे के सझिया मोहल्ला निवासी सुशील कुमार पांडेय के मुताबिक उनका 15 वर्षीय छोटा भाई सुधीर कुमार पांडेय वर्ष 2010 में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा था। पेपर खराब हो जाने से वह गुमसुम रहने लगा था। इसी को लेकर 25 जुलाई 2010 को वह बिना किसी को कुछ बताए घर से लापता हो गया था।
तमाम संभावित ठिकानों पर खोजबीन के बाद भी उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा तो उसने कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस किशोर को खोजने का आश्वासन देती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान सुशील ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को नाबालिग होने छात्र के नाबालिक होने की वजह से अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया।