बारा। पखवारे भर से सहकारी समितियों की हड़ताल का फायदा अब पीसीएफ के दुकानदार उठा रहे हैं। खुलेआम डीएपी व यूरिया के निर्धारित दाम से दस रुपये ज्यादा लेकर बेचा जा रहा है। शिकायत के बाद बीडीओ ने जांच के निर्देश दिए हैं।
कौशाम्बी विकास खंड में 10 साधन सहकारी समितियां हैं। पिछले पखवाड़े भर से समितियों में हड़ताल है। इससे किसान परेशान हैं। आलू, सरसों. मटर की खेती का सीजन चल रहा है। किसानों की समस्या खाद को लेकर हैं। समितियों में हड़ताल की वजह से किसान सिर्फ पीसीएफ केंद्र जाठी के भरोसे हैं।
इस केंद्र में पांच सौ एमटी उर्वरक आती है। बावजूद इसके यहां पर 185 एमटी डीएपी व 258 एमटी यूरिया का स्टाक है। केंद्र में उर्वरक के लिए मारामारी मची हुई है। मंगलवार को उर्वरक खरीदने गए कनैली के किसान शिव शंकर का कहना है कि केंद्र के बोर्ड पर डीएपी 1290 रुपये बोरी दर्ज है। इसके बाद भी उन्हें 1300 रुपये की दर से दी जा रही है। बड़गांव के प्रदीप यादव, दादू सिंह आदि किसानों का भी आरोप है कि यूरिया व डीएपी में 10 रुपये अतिरिक्त लिया जाता है। इस बाबत केंद्र प्रभारी अनिल चौधरी से बात किया गया तो उन्होेंने कुछ भी बोलने से इंकार किया। उनका सिर्फ इतना कहना था कि किसी तरह व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है।