मंझनपुर (ब्यूरो)। अवैध बालू खनन को लेकर की गई शासन की सख्ती का असर अब दोआबा में साफ नजर आने लगा है। कार्रवाई के डर से सहमे धंधेबाज डंप बालू की नीलामी में बोली लगाने से भी कतराने लगे हैं। दो दिन पहले आयोजित हुई नीलामी में एक भी शख्स बोली लगाने नहीं पहुंचा। इसकी वजह से सालभर से यमुना के विभिन्न घाटों पर अवैध रुप से भंडारित की गई बालू की नीलामी नहीं हो सकी है। इसे लेकर अफसर खासे परेशान हैं। घाटों पर डंप बालू की नीलामी अब 8 जुलाई को करने की तैयारी अफसरों ने की है।
बता दें कि अवैध तरीके से बालू खनन को लेकर शासन के तेवर इन दिनों तल्ख हैं। अभी हाल ही में इलाहाबाद के मंडलायुक्त और फतेहपुर के डीएम, खनन अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद से कौशाम्बी के अफसर और बालू माफिया भी सहमे हैं। सख्ती का असर है कि जहां दबिश देकर यमुना घाटों पर अवैध रूप से बालू का खनन रोकने की कवायद की जा रही है। वहीं जिले में यमुना के विभिन्न घाटों पर सीज करके रखी गई बालू की नीलामी भी की जा रही है।
पर, घाटों पर डंप बालू लेने से भी धंधेबाज कतरा रहे हैं। बता दें कि 21 अगस्त 2014 को एसडीएम चायल और खनन अधिकारी की संयुक्त टीम ने उमरवल, यूूूूसुफपुर, मोहम्दापुर, बिगहरा और रामपुर बालू घाटों के भूखंडों पर छापेमारी की थी। इस दौरान अवैध रुप से भंडारित की गई 5847 घन मीटर बालू पकड़ी गई थी। इस बालू की नीलामी के लिए 11 दिसम्बर 2014 को डीएम ने एसडीएम चायल और खनन अधिकारी की अगुवाई में टीम गठित की थी। टीम गठन के बाद अभी तक अफसर बालू की नीलामी नहीं कर सके। इधर, शासन का पारा गरम होने के बाद मंगलवार को नीलामी का आयोजन किया गया। पर, एक भी व्यक्ति बोली लगाने नहीं पहुंचा। इसे लेकर अधिकारी खासे परेशान हैं। बालू के कारोबारियों की मानें तो 10 महीने से पड़े होने के कारण अब इस बालू की कोई कीमत नहीं बची है। घाटों पर खनन हो रहा होता तो अच्छी बालू के साथ इस बालू को भी मिलाकर बेचा जा सकता था। अब इसे बेचना मुश्किल होगा। वहीं एसडीएम चायल जवाहरलाल श्रीवास्तव ने बताया कि घाटों पर डंप पड़ी बालू की आठ जुलाई को दोबारा नीलामी की जाएगी। इसमें भी बोली नहीं लगी, तो कोई न कोई विकल्प तलाशा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी उन्होंने पत्र भेजकर प्रभारी जिलाधिकारी को दे दी है।