ब्लॉक के डहिया गांव में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात आई तेज आंधी के कहर ने लोगों की आफत बढ़ा दी। आंधी की चपेट में आकर दो लोगों के कच्चे मकान जमींदोज हो गए, जबकि कई क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों के टीन शेड और छप्पर उड़ गए। इस दौरान घायल हुए तीन लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आंधी के बाद बेघर हुए लोग परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग से नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने तथा आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
डहिया गांव निवासी डंपर चालक घनश्याम अर्कवंशी ने बताया कि मंगलवार को वह डंपर लेकर गांजा गांव गए थे। घर पर उनकी पत्नी चंद्रलेखा चार बच्चों आकाश, करन, सलोरी और राखी के साथ घर के अंदर सो रही थीं। देर रात आंधी में उनका दो कमरे का कच्चा मकान जमींदोज हो गया। जिसमें दबकर पत्नी चंद्रलेखा गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्चे बाल-बाल बच गए। बताया कि मकान जमींदोज होने से अनाज,कपड़े बिस्तर आदि घर गृहस्थी का दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
वहीं उनके घर के समीप ही खेतों में लगी उड़द फसल की रखवाली कर रही राजू की पत्नी सुनीता, घनश्याम की गिरी दीवार के मलबे में दब गई, जिससे उसके दोनों पैर और रीड कि हड्डी टूट गई। लोगों ने मलबा से निकाल कर आनन-फानन उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पास ही जगन्नाथ पासी के छप्पर के ऊपर महुआ का विशाल पेड़ गिर गया। हादसे में जगन्नाथ घायल हो गए। राम अवतार पाल की टीन शेड उड़ गया। जिसमें उनकी एक बकरी दब कर मर गई। घर गृहस्थी का सारा सामान भी भीग गया।
बैजनाथ के बैल, भैंस दब गई। जिन्हें निकाला गया। दुखी लाल का टीन शेड भी उड़ गया। बताया कि करीब दस हजार रुपये से अधिक का उन्हें नुकसान हुआ। पीड़ित लोगों ने घटना की सूचना राजस्व विभाग के अधिकारियों को दे दिया है। इस संबंध में तहसीलदार संजय दुबे का कहना है कि लेखपाल भेज कर नुकसान का आकलन कराया जाएगा। जिसके बाद पीड़ितों को आवास एवं अन्य सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
आंधी से डहिया गांव में उजड़े लोगों के आशियाने स्रोत -संवाद
आंधी से डहिया गांव में उजड़े लोगों के आशियाने स्रोत -संवाद
आंधी से डहिया गांव में उजड़े लोगों के आशियाने स्रोत -संवाद
आंधी से डहिया गांव में उजड़े लोगों के आशियाने स्रोत -संवाद