रात में आई तेज आंधी और बारिश से जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। खराब मौसम के चलते जिले के 13 विद्युत उपकेंद्रों का ब्रेकडाउन हो गया, जिससे रात करीब 1:30 बजे से सुबह आठ बजे तक आपूर्ति बाधित रही। हालांकि, कुछ उपकेंद्रों पर लगातार तो कुछ में थोड़ी देर तक ही बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
बिजली विभाग के अनुसार अजुहा कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्र, सैनी, सिराथू के कूरा, घटमापुर, कमालपुर, अवनीलोकीपुर, महेवाघाट, पश्चिमशरीरा, पुरखास, न्यू भरवारी, गोपसहासा और म्योहर विद्युत उपकेंद्र प्रभावित रहे। तेज हवाओं के चलते बिजली लाइनों पर पेड़ और टहनियां गिरने से कई स्थानों पर फॉल्ट हो गया, जिससे आपूर्ति बाधित हुई।
आंधी-बारिश के कारण जिले के विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफाॅर्मर को भी नुकसान पहुंचा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार छह केवीए के चार, 25 केवीए के पांच और 63 केवीए का एक ट्रांसफार्मर जल गया। इसके अलावा सिराथू क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट के दो बिजली पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आपूर्ति बहाल करने में अतिरिक्त समय लगा।
आंधी-बारिश में मेडिकल कॉलेज की जल गई केबल
मंगलवार रात आई तेज आंधी और बारिश के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। खराब मौसम के चलते बिजली आपूर्ति की सीटी (सीटी/करंट ट्रांसफार्मर) और केबिल जल गई, जिससे देर रात तक आपूर्ति बाधित रही।
अचानक बिजली गुल होने से अस्पताल परिसर में अंधेरा छा गया। जिससे तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। हालांकि, बैकअप व्यवस्था से जरूरी सेवाएं संचालित की गईं।
रात में चली तेज हवाओं से विद्युत विभाग को भारी नुकसान हुआ है। करीब 10 ट्रांसफाॅर्मर जल गए हैं, जिन्हें बदला जा रहा है। इसके अलावा लगभग 75 बिजली पोल भी टूटकर क्षतिग्रस्त हुए हैं और उनके बदलने का कार्य जारी है। जहां-जहां दिक्कत है, वहां मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। - आरके कुशवाहा, अधिशासी अभियंता विद्युत
मेडिकल कॉलेज में धूं-धूं कर जलती सीटी केबल। स्रोत : विभाग- फोटो : Samvad