सांसद व विधायक निधि पर काम करने वाले ठेकेदारों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। निजी नलकूप की बोरिंग कराकर बिजली कनेक्शन ले चुके उपभोक्ताओं को स्टोर से तार, पोल और ट्रांसफार्मर नहीं दिया जा रहा है, जबकि ठेकेदार मनमाने तरीके से स्टोर से सामान का उठान कर रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश है। सौ से अधिक नलकूप ट्रांसफार्मर न मिलने के कारण चालू नहीं हो सके हैं।
जिले के डेढ़ सौ से अधिक किसानों ने निजी नलकूप की बोरिंग करा रखी है। इनमें से लगभग सवा सौ किसानों ने बिजली विभाग में टी एण्ड सी जमा कर स्टोर से सामान लेने के लिए वर्कआर्डर जमा कर रखा है। इन उपभोक्ताओं को नलकूप ऊर्जीकृत करने के लिए स्टोर से तार, पोल, ट्रांसफार्मर सहित सारे सामान मिलने हैं। कुछ असरदारों को छोड़कर विभाग द्वारा किसानों को कोई भी सामान नहीं दिया जा रहा है। मौजूदा समय में भी सौ से अधिक निजी नलकूप के उपभोक्ता ट्रांसफार्मर मिलने की बाट जोह रहे हैं।
स्टोर के जिम्मेदार हैं कि वह इन किसानों की अनदेखी कर आने वाले सामान को सांसद और विधायक निधि में काम करने वाले ठेकेदारों को उपलब्ध करा रहे हैं। इससे निजी नलकूप का कनेक्शन ले चुके उपभोक्ताओं का बुरा हाल है। स्टोर में ट्रांसफार्मर की खेप आते ही निजी नलकूप के उपभोक्ता स्टोर का चक्कर काटने लगते हैं, लेकिन उनके हाथ कुछ भी नहीं लग रहा है।