फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगदी संकट : गिरवी रखीं जा रही अंगूठी, जंजीर

Tue, 13 Dec 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
विज्ञापन
other
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद बैंकों की छुट्टी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। एटीएम खाली हैं, इससे लोगों की रही-सही उम्मीद भी अवकाश पर खत्म हो गई। नतीजतन लोगों को अपनी अंगूठी, जंजीर तक गिरवी रखनी पड़ी। इसके लिए भी उन्हें मशक्कत करनी पड़ी। यहां भी जरूरत से कम ही लोगों को रुपया मिल सका।
विज्ञापन


   तीन दिन से बैंक बंद है। लोगों के पास रहा रुपया भी खत्म हो गया। रुपया न होने पर परेशान लोग एटीएम की ओर गए तो तुरंत ही लौटे। एटीएम के शटर गिरे हुए थे। कैश न होने पर गार्डों ने शटर गिरा दिया था। इससे लोगाें को तमाम परेशानियाें का सामना करना पड़ा। नगदी संकट की मार से प्रभावित लोगों को रुपया नहीं मिला तो उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए जेवर तक गिरवी रखना शुरू कर दिया, लेकिन यहां से भी उन्हें सफलता कम ही हाथ लगी।

बहुत नजदीकी लोगों को ही कारोबारियों ने जंजीर, अंगूठी आदि गिरवी रखने पर रुपया दिया, लेकिन अपनी शर्त पर। उतना रुपया लोगों को नहीं मिला, जितनी लोगों की आवश्यकता थी। काम चलाना था, इसलिए लोगों ने लिया। देहात में लोग गेहूं, चावल बेचकर अपना काम किसी तरह चला रहे हैं। छोटे दुकानदार भी इस समस्या से ग्रसित हैं, इसलिए राशन खरीदने के बाद, बदले में सामान ही दे रहे हैं। रुपये की इस मारामारी का शिकार ग्रामीण इलाकों के लोग ज्यादा हैं। तराई के इलाकों की स्थिति खराब हो चली है।
विज्ञापन


मछली का कारोबार भी हुआ प्रभावित
नोटबंदी का असर मछली के कारोबार पर भी हुआ। यमुना नदी में मछली आखेट का ठेका होता है। बोली लगाकर लोगाें ने ठेका लिया है, लेकिन नगदी का ऐसा संकट आया है कि ठेकेदारों को इसका बड़ा लाभ नहीं मिल रहा है। भोर में कानपुर को जाने वाली गाड़ी फिलहाल नहीं भेजी जा रही है। कानपुर से डिमांड बहुत कम हो चुकी है। नतीजतन ठेकेदारों ने शिकारियों की संख्या भी कम कर दी है। आधे से भी कम लोगों को काम पर लगाकर फुटकर में मछली बेची जा रही है। मार्केट में भी मछली का भाव धड़ाम हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें