महेवाघाट काेतवाली के समीप शुक्रवार शाम एसटीएफ ने छापा मारकर डीजल से भरा एक टैंकर पकड़ लिया। जांच के दौरान पता चला कि चोरी कर डीजल कालाबाजरी के लिए मध्यप्रदेश भेजा जा रहा था। डीएसओ ने जांच के बाद पूर्ति निरीक्षक को कार्रवाई का निर्देश दिया। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर
अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ लिया।
मध्य प्रदेश के मुकाबले उत्तर प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थ सस्ते हैं। डीजल की कीमत में तो तकरीबन सात रुपये लीटर का अंतर है। इसे देखते हुए प्रयागराज डिपो से निकलने वाले टैंकरोंं से सेटिंग कर मध्य प्रदेश के पंप मालिकों को दो रुपये प्रति लीटर कम पर डीजल-पेट्रोल बेचा जा रहा है।
कंपनियों को अचानक खपत में अंतर दिखने पर जांच शुरू की गई तो पता चला कि डीजल-पेट्रोल की काबालाजारी हो रही है। इसकी जानकारी पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई।
एसटीएफ फील्ड यूनिट के उपनिरीक्षक रणेंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार शाम अपनी टीम व कोतवाली पुलिस के साथ महेवाघाट में छापा मारकर एक टैंकर रोक लिया। टैंकर में 18 सौ लीटर डीजल भरा था। जानकारी होते ही डीएसओ मंगेश मौर्या ने पूर्ति निरीक्षक को जांच के बाद निर्देश दिया कि वह एफआईआर कराएं।
पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर महेवाघाट पुलिस ने कोखराज के राला निवासी टैंकर चालक दीपक कुमार व सिंघिया निवासी सचिन करवरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में एसटीएफ को पता चला यह गिरोह मध्यप्रदेश के कई शहरों में कालाबाजारी का तेल बेचता है। अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर एसटीएफ अब अन्य लोगों की तलाश कर रही है।