प्रतिभा को मौका चाहिए, वह किसी रहमोकरम की मोहताज नहीं होती। अबकी बारी थी जूनियर विद्यालय समसपुर के छात्र नंदलाल की। मौका मिलते ही नंदलाल ने अपने हिस्से की कामयाबी छीन ली। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में ऐसा प्रोजेक्ट पेश किया, जिसे लोग नजरअंदाज नहीं कर सके और उसका चयन राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हो गया। वह उन 33 छात्रों में शामिल हैं, जो इंस्पायर अवार्ड योजना के लिए चयनित हुए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग को जिले में पहली बार बड़ी कामयाबी मिली है। वह भी नंदलाल के जरिए। नंदलाल जूनियर विद्यालय समसपुर में कक्षा-आठ का छात्र है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित हुई बाल वैज्ञानिकों की प्रतियोगिता में नंदलाल ने शिक्षिका ममता चौरसिया की मदद से तैयार किए गए प्रोजेक्ट को पेश किया गया। इसके बाद उसका मंडलीय स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए नंदलाल ने रणनीति के तहत तैयारी की थी। नंदलाल ने जल की बचत हेतु खेतों की सिंचाई के लिए माइक्रो कंट्रोलर तैयार किया। इस माइक्रो कंट्रोलर के जरिए खेत में सिंचाई के लिए नलकूप से उतना ही पानी जाएगा, जितनी जरूरत है।
पानी अधिक होते ही नलकूप बंद हो जाएगा। प्रतियोगिता में कुल 423 मॉडल पेश हुए। इनमें नंदलाल के प्रोजेक्ट की खूब सराहना की हुई और उसका चयन राष्ट्रस्तरीय प्रतियोगिता के लिए कर लिया। जिला विज्ञान क्लब के कोआर्डिनेटर वसीम अहमद ने बताया कि जिले के लिए यह एक बहुत उपलब्धि है। खास बात यह कि पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग की पहल पर छात्र ने बाजी मारी है। अभी तक माध्यमिक के ही छात्र इंस्पायर अवार्ड में शामिल होते थे। इस कामयाबी से गदगद बीएसए दलश्रृगंार यादव का कहना है कि नंदलाल की मेहनत रंग लाई है। इससे जूनियर विद्यालयों के छात्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।