जिमनास्ट की दुनिया में जल्द ही दोआबा के दीपा व आशीष देश व दुनिया में अपना नाम रोशन करेंगे। जिमनास्टिक खेल में जिले के खिलाड़ी पारंगत हों और अपना नाम कमाए, इसके लिए जिला स्टेडियम में अलग से जिमनास्टिक के लिए स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। डीएम व जिला क्रीड़ाधिकारी ने इसकी कवायद तेज कर दी है। खिलाड़ियों को सुविधाओं के साथ अच्छे कोच से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
जिमनास्टिक खेल जिले की प्रतिभाओं को अभी तक मौका नहीं मिल रहा था। जिला स्टेडियम में जिमनास्टिक स्टेडियम व कोच के न होने के कारण खिलाड़ियों की हसरत अभी तक अधूरी थी। प्राइवेट कालेजों में वह जाकर इसका प्रशिक्षण नहीं ले सकते थे, क्योंकि इसके लिए उन्हें मोटी रकम चुकानी पड़ती, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिला स्टेडियम में जल्द ही अलग से जिमनास्टिक स्टेडियम का निर्माण शुरू होगा। केंद्र सभी सुविधाओं से लैश होने के साथ-साथ अच्छे कोच से भरा पूरा होगा। इसके लिए जिला क्रीड़ाधिकारी एम.एच. चौधरी ने कवायद तेज कर दी है। सोमवार को डीएम अखंड प्रताप सिंह के सामने उन्होंने जिमनास्टिक केंद्र खोलने की बात रखी तो उन्होंने तत्काल इस पर हामी भरते हुए धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए प्रस्ताव मांगा।
प्रशिक्षण के अभाव में घुट रही थी प्रतिभाएं
जिमनास्टिक का स्टेडियम न होने के कारण इस खेल में रुचि रखने वाले छात्र हाथ पर हाथ रखकर बैठे थे। स्कूल व कालेजों में पढ़ने वाले छात्र इस खेल के प्रति खासी दिलचस्पी रखते थे, लेकिन अब तक उनके सामने कोई रास्ता नहीं था। डीएम की पहल से उम्मीद बढ़ी है कि जल्द ही खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाने का मौका मिलेगा।
रॉयफल क्लब की रकम से कराया जाएगा निर्माण
जिले की प्रतिभाओं को जिमनास्टिक खेल का प्रशिक्षण देने के लिए डीएम प्रदेश व केंद्र सरकार से किसी तरह का बजट मिलने के इंतजार में नहीं है, वह जिमनास्टिक स्टेडियम के लिए रायफल क्लब से रकम खर्च करेंगे। क्रीड़ाधिकारी की पहल पर निर्माण में आने वाले खर्च का इंतजाम डीएम अखंड प्रताप सिंह द्वारा कराया जा रहा है। सोमवार को उन्होंने रॉयफल क्लब में जमा धनराशि से खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम निर्माण कराने की बात कही।
जिले में स्टेडियम तो है पर जिमनास्टिक खिलाड़ियों के लिए कोई इंतजाम नहीं है। इसे देखते हुए परिसर में जिमनास्टिक खेल के लिए अलग से स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम