खाद्यान्न, मिट्टी का तेल नहीं मिलने से परेशान सरसवां गांव के लोगों का बृहस्पतिवार को गुस्सा फूट पड़ा। कोटेदार की मनमानी से आजिज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर खाद्यान्न वितरण में की जा रही मनमानी की जांच और कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने आपूर्ति अधिकारी को जांच का निर्देश दिया है। ग्रामीणों ने चेताया कि जल्द का समस्या का समाधान नहीं किए जाने पर वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
मंझनपुर तहसील के सरसवां गांव निवासी राम प्रताप, रामकरन, छोट्टन अली, पवन कुमार, पुष्पादेवी, रन्नो देवी, राजश्री, राखी देवी, रामपति, उर्मिला देवी, बच्ची देवी, लखनी देवी, शांति देवी, केसिया देवी, विमला देवी, गुड़िया देवी आदि ने बताया कि कोटेदार दूसरे-तीसरे महीने खाद्यान्न और मिट्टी के तेल का वितरण करता है। इस दौरान भी घटतौली की जाती है। लोगों से निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे लिए जाते हैं। इस मनमानी का विरोध करने पर कोटेदार और उसके परिवार के अन्य सदस्य ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। थैला, डिब्बा छीनकर फेंक दिया जाता है। झगड़े और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। गरीबों को मारने की धमकियां दी जाती हैं।
गांववालों की मानें तो कई बार इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी, एसडीएम और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से की गई। इसके बाद भी ग्रामीणों को नियमित खाद्यान्न, मिट्टी के तेल का वितरण नहीं किया जा रहा है। कोटेदार की मनमानी के कारण गांववालों को बाजार से अधिक मूल्य पर गेंहू, चावल, केरोसिन की खरीद करनी पड़ रही है। जबकि गरीबों के लिए सस्तेदर पर बिकने के लिए आने वाला खाद्यान्न कोटेदार बाजार में बेंच डालता है। खाद्यान्न नहीं मिलने से परेशान गांववालों ने बृहस्पतिवार को कोटेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चटकती धूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट आए लोगों ने घंटेभर तक हुंकार भरी। डीएम को शिकायतीपत्र देकर कोटेदार की मनमानी की जांच और ग्रामीणों को प्रत्येक महीने सस्तेदर पर खाद्यान्न, मिट्टी के तेल का वितरण कराने की मांग की। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने आपूर्ति अधिकारी को जांच करके तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।