मंझनपुर। सरायअकिल से इलाहाबाद के बीच महानगरीय बस सेवाएं बंद होने के खिलाफ मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बस सेवाएं शुरू कराने की मांग को लेकर लोगों ने सरायअकिल बस अड्डे पर हुंकार भरी। स्टेशन प्रभारी को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। इसमें बस सेवाओं के साथ स्टेशन पर पेयजल, शौचालय आदि जरूरी सुविधाओं की भी मांग की गई। अनदेखी पर कस्बाइयों ने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
कौशाम्बी की सबसे पुरानी और प्रमुख बाजार सरायअकिल से इलाहाबाद के लिए पहले महानगरीय बस सेवा थी। करीब दो साल पहले महानगरीय बस सेवा बंद कर दी गई। वहीं इलाहाबाद से सरायअकिल के लिए चलने वाली रोडवेज बसों की संख्या भी कम कर दी गई है। इसे लेकर मंगलवार को कस्बे के लोग सड़क पर उतर आए। कस्बे के रहने वाले डॉ प्रसन्न मिश्र, मोतीलाल स्वर्णकार, राजेश कुमार केसरवानी, रवि कुमार, सुमंत, कमल कुमार, शीतला प्रसाद आदि लोगों ने बस स्टेशन सरायअकिल में हुंकार भरी। लोगों ने बताया कि महानगरीय बस सेवाएं बंद होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जबकि प्राइवेट वाहनों में सवारियां भूसे की तरह भर दी जाती हैं। विरोध करने पर चालक, खलासी यात्रियों से अभद्रता भी करते हैं। मांगों को लेकर करीब घंटेभर तक बस अड्डे पर प्रदर्शन करने वाले कस्बाइयों ने स्टेशन प्रभारी को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। इसमें महानगरीय बस सेवा शुरू करने, सरायअकिल से इलाहाबाद के लिए परिवहन निगम की बस सेवाओं की संख्या बढ़ाने, इलाहाबाद, भगवतपुर, मंदर, मनौरी मार्ग से बसों का संचालन कराने, बस कंडेक्टरों की मनमानी पर अंकुश लगाने, सरायअकिल बस अड्डे पर पेयजल, शौचालय, यात्री शेड आदि जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किए जाने, बस में व्यापारियों के लादे गए सामान का उचित भाड़ा वसूले जाने की मांग की गई। जल्द मांगें पूरी नहीं किए जाने पर कस्बे के लोगों ने धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम करने की भी चेतावनी दी है। स्टेशन प्रभारी रामा प्रसाद ने कहाकि वे कस्बे के लोगों की मांगें उच्चाधिकारियों तक पहुंचा देंगे। प्रयास होगा कि सरायअकिल से महानगरीय बस सेवा दुबारा शुरू हो जाए।