जिला पंचायत अध्यक्ष की बुलाई टिफिन बैठक में नहीं पहुंचे विपक्षी सदस्य
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दर्ज मुकदमों की जांच कर फाइनल रिपोर्ट लगाने की मांग भी करेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अविश्वास प्रस्ताव गिरने से भले ही जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने विरोधियों को राजनीतिक पटकनी दे दी। विपक्ष की राजनीति अभी गर्म है। सोमवार को 17 जिला पंचायत सदस्य कमिश्नर को सामूहिक इस्तीफा सौंपेंगे। इधर, अध्यक्ष ने सदन की बैठक बुला ली। रविवार को उन्होंने टिफिन बैठक बुलाई, जिसमें विपक्षी नहीं पहुंचे।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कार्य शैली से नाराज 26 सदस्यीय सदन के 20 सदस्यों ने तीन अगस्त को अविश्वास जताया था। इस पर डीएम ने 19 अगस्त को फ्लोर टेस्ट की तारीख तय की थी। इस दौरान जोड़-तोड़ और सदस्यों पर कार्रवाई का ऐसा घटनाक्रम हुआ कि फ्लोर टेस्ट में कोई पहुंचा ही नहीं।
राजनीति में मिली करारी शिकस्त से विपक्षी खेमा बेचैन है। साख बचाने की जुगत ढूंढ रहा है। इसी के तहत सामूहिक इस्तीफे का फैसला किया।
इधर, सोमवार को सामूहिक इस्तीफे के बात सामने आते ही अध्यक्ष कल्पना ने सोमवार को सदन की बैठक बुला ली। इतना नहीं, विरोधियों की एकजुटता आंकने के लिए रविवार को पूरब सरावां स्थित शिव मंदिर में टिफिन बैठक बुलाई। सभी सदस्यों को आमंत्रण भेजा। लेकिन विपक्षी नहीं पहुंचे। हालांकि, अध्यक्ष का दावा है कि बैठक में सदन के 11 सदस्य शामिल हुए हैं।
विपक्ष की अगुवाई कर रही सदस्य सीमा देवी के पति अनिल अग्निहोत्री का कहना है कि सभी 17 सदस्य एकजुट हैं। कोई टिफिन बैठक में नहीं गया है। सोमवार को मिनी सदन की बैठक का बहिष्कार कर सभी 17 सदस्य कमिश्नर से मिलेंगे। उन्हें ज्ञापन के साथ सशर्त इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद कौशाम्बी आकर एसपी से मिल अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सदस्यों एवं उनके परिजनों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच कर फाइनल रिपोर्ट लगाने की मांग करेंगे।
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इस्तीफा सौंपना है तो अध्यक्ष को दें : कल्पना
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार अध्यक्ष के पास है। जिन सदस्यों को इस्तीफा सौंपना है, वे मुझे दें। उनका कहना है कि हम तो सभी को साथ लेकर चल रहे हैं। सभी वार्डों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। टिफिन बैठक भी इसीलिए बुलाई थी। दरअसल, विपक्ष में शामिल सदस्यों को भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा कराया जा रहा विकास कार्य नहीं रास आ रहा है। इसलिए इस्तीफे की धमकी दे रहे हैं।