लोंहदा गांव में कथित पीडता की मां को आर्थिक मदद देते समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल--संगठन
सपाइयों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को लोहंदा गांव की कथित दुष्कर्म पीड़िता के घर पहुंचा। पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की जानकारी ली। साथ ही पार्टी कोष से एक लाख की आर्थिक सहायता दी।
सैनी के लोहंदा गांव में 27 मई को आठ वर्षीय बेटी के साथ कथित दुष्कर्म की घटना हुई थी। पीड़ित पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गांव के ही सिद्धार्थ तिवारी को जेल भेज दिया था। बेटे को निर्दोष बताते हुए रामबाबू तिवारी ने चार जून को सैनी कोतवाली में जहर खाकर जान दे दी थी। जिस पर पुलिस ने रामबाबू के बेटे की तहरीर पर कथित दुष्कर्म पीड़िता के पिता व ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा कर लिया था। पीड़िता के पिता समेत दो को जेल भेजा दिया गया।
उधर, पोस्टमार्टम के बाद रामबाबू का शव सड़क पर रख हाईवे जाम करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। इस घटना को लेकर जिले से लेकर प्रदेश तक सियासी सरगर्मी बढ़ गई। राजनीतिक दलों का गांव में आवागमन शुरू हो गया।
रविवार को भी सपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सुग्नपाल, शिव व्रत पाल, वेद प्रकाश पाल व अशोक पाल ने गांव पहुंच पीड़िता की मां से मुलाकात की। साथ ही पार्टी द्वारा दी गई आर्थिक मदद एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया। सपा जिलाध्यक्ष ने बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए पार्टी की ओर से हर संभव लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया।