मंझनपुर। मूर्ति विसर्जन के दौरान गेरसा में हुए बवाल का मामला राजनैतिक रूप लेने लगा है। मंगलवार को जिलाध्यक्ष की अगुवाई में सपाइयों का एक प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिला और चायल विधायक सहित अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। चेताया कि कार्रवाई नहीं होने पर बेमियादी आंदोलन किया जाएगा।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के गेरसा गांव में 19 अक्तूबर को मूर्ति विसर्जन के दौरान बवाल हुआ था। महिलाओं से छेड़खानी किए जाने को लेकर भरवारी व गेरसा गंाव के लोग आपस में भिड़ गए थे। इनके बीच जमकर मारपीट हुई थी। चायल विधायक संजय गुप्ता से भी अभद्रता की गई थी। उन्हें बचाने में उनका सरकारी गनर आशीष कुमार घायल हो गया था। दोनों पक्षों से करीब 15 लोग घायल हुए थे। मामले में विधायक पक्ष से भरवारी निवासी सुरेन्द्र प्रसाद की तहरीर पर गेरसा के 19 नामजद व 100 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज हुआ है।
दूसरे पक्ष से गेरसा के मनोज यादव ने भी विधायक सहित 18 के खिलाफ तहरीर दी थी। उसकी तहरीर पर रिपोर्ट नहीं लिखे जाने से मंगलवार को सपाई बिफर पड़े। सपा जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल की अगुवाई में सपाइयों के प्रतिनिधि मंडल ने एसपी से मुलाकात कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। एसपी प्रदीप गुप्ता ने जांच कराकर उचित कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया है। इस मौके पर सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव परवेज अख्तर अंसारी, महबूब आलम उर्फ सज्जू, मुजाहिद हुसैन, चंद्रबली सिंह पटेल, चंद्रजीत यादव आदि मौजूद रहे।