बिजली उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग और आसान भुगतान की सुविधा देने के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू की जा रही है। इस प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को पहले मीटर रिचार्ज करना होगा, जिसके बाद ही बिजली का उपयोग किया जा सकेगा।
बिजली विभाग स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहा है। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को बिलिंग संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी और वे अपने बिजली खर्च पर सीधा नियंत्रण रख सकेंगे। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता यूपीपीसीएल स्मार्ट एप के जरिये अपने मीटर को आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं। इसके अलावा यूपीआई, पेटीएम और गूगल पे जैसे डिजिटल माध्यमों से भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को मोबाइल एप के माध्यम से रोजाना बिजली खपत और बैलेंस की जानकारी मिलती रहती है।
मीटर स्थापना के दौरान उपभोक्ता का विवरण ओटीपी के माध्यम से सत्यापित किया जाता है और पुराने व नए मीटर के सीरियल नंबर का मिलान भी कराया जाता है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी रहती है। इस प्रणाली में बिजली उपयोग के अनुसार बैलेंस से राशि कटती है, जिससे बिलिंग पूरी तरह स्पष्ट रहती है। उपभोक्ता जरूरत के अनुसार रिचार्ज कर अपने खर्च को नियंत्रित कर सकते हैं। साथ ही टैरिफ दरों पर लगभग दो प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान है। यदि किसी उपभोक्ता का पुराना बकाया है, तो उसे भी प्रीपेड व्यवस्था में समायोजित किया जाता है। एसएमएस और मोबाइल ऐप के जरिये उपभोक्ताओं को लगातार जानकारी मिलती रहती है।
अधीक्षण अभियंता श्याम नारायण ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं को पारदर्शी और डिजिटल सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता यूपीपीसीएल स्मार्ट एप का उपयोग कर रिचार्ज और बिजली खपत की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।