गोरखपुर से कानपुर जा रही चौरीचौरा एक्सप्रेस मंगलवार की सुबह कौशाम्बी में सिराथू-भरवारी स्टेशन के पास बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। निहालपुर हाल्ट के समीप ट्रेन के इंजन में अचानक आग लग गई। इंजन से धुआं और लपटें देख ड्राइवर में इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी, तो अफरातफरी मच गई। रेलवे कंट्रोल रूम, दमकल को सूचना देने के साथ ही चालक ने मुसाफिरों और गांववालों की मदद से बोगियों से इंजन से अलग करके करीब 200 मीटर दूर करके हादसा टाला। वहीं मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने ट्रेन के इंजन में लगी आग बुझाई। करीब दो घंटे बाद इलाहाबाद से दूसरा इंजन आने पर ट्रेन को सुजातपुर स्टेशन ले जाया गया। इसके बाद तीन घंटे से बाधित रहे हावड़ा दिल्ली ट्रैक को चालू किया जा सका। गोरखपुर से कानपुर जाने वाली 15003 चौरीचौरा एक्सप्रेस मंगलवार की सुबह 10.05 बजे जैसे ही भरवारी-सिराथू स्टेशन के बीच निहालपुर हाल्ट के पास पहुंची, अचानक उसके इंजन से धुएं का गुबार निकलने लगा।
बकौल चालक महेंद्र सिंह वह कुछ समझ पाते, इससे पहले इंजन से लपटें निकलने लगीं। इससे उन्होंने तत्काल ट्रेन रोक दी। ट्रेन के इंजन में आग लगने की सूचना लगते ही अफरातफरी मच गई। घबराए मुसाफिर ट्रेन से कूदने लगे। वहीं ट्रेन रोकते ही चालक ने कंट्रोलरूम, अग्निशमन दल को घटना की जानकारी दी। साथ ही सूझबूझ का परिचय देते हुए सवारियों और ग्रामीणों की मदद से इंजन को बोगियों से अलग करके करीब 200 मीटर दूर करा दिया। उधर, ट्रेन में आग लगने की सूचना लगते ही रेलवे, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर मंझनपुर, सैनी से दमकल की गाड़ियां भेजने के साथ अफसर मौके पर पहुंचे। फायरब्रिगेड कर्मियों ने ट्रेन के इंजन में लगी आग बुझाई। चालक के मुताबिक आग लगने से इंजन का इलेक्ट्रिक और बैक पैनल पूरी तरह से जल गया है। वहीं ट्रेन में आग लगने से करीब 3 घंटे तक हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग बाधित रहा। दोपहर 12.10 बजे इलाहाबाद से दूसरा इंजन आने पर ट्रेन को सुजातपुर स्टेशन ले जाया गया। सुजातपुर स्टेशन से यह ट्रेन अपराह्न 13.48 कानपुर की ओर रवाना की गई।
सिराथू-भरवारी स्टेशनों के बीच मंगलवार की सुबह चौरीचौरा एक्सप्रेस के इंजन में लगी आग से हावड़ा-दिल्ली ट्रैक 2.43 घंटे तक बाधित रहा। बता दें कि गोरखपुर से चलकर गोरखपुर जाने वाली 15003 अप चौराचौरी एक्सप्रेस मंगलवार को सुबह 9.45 मिनट पर कौशाम्बी के भरवारी स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला ठहराव सिराथू स्टेशन था। इधर, भरवारी से छूटने के करीब 20 मिनट बाद जैसे ही यह ट्रेन निहालपुर (गोरियों) गांव के समीप पहुंची। तभी ट्रेन के इंजन में आग लग गई। इंजन से धुएं का गुबार निकलता देख ड्राइवर में ट्रेन रोक दी। ट्रेन के इंजन में आग लगने और ट्रैक पर ट्रेन रोके जाने से हड़कंप मच गया। निहालपुर हाल्ट के समीप 10.05 बजे से खड़ी ट्रेन की बोगियां 12.10 बजे सुजातपुर स्टेशन दूसरे इंजन से खींचकर ले जाई गई। इसके बाद दोपहर 12.48 बजे ट्रैक को चालू किया जा सका। इस दौरान हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग 2 घंटे 43 मिनट तक बाधित रहा।
सिराथू-भरवारी स्टेशन के बीच ट्रेन के इंजन में आग लगने पर करीब दो घंटे तक मुसाफिरों से भरी ट्रेन मौके पर ही खड़ी रही। जिस निहालपुर हाल्ट के समीप यह हादसा हुआ था। वहां एकदम वीराना है। ट्रैक के किनारे कोई पेड़ अथवा छायादार स्थान भी नहीं है। ट्रैक से समीपवर्ती गांव भी करीब 1 किलोमीटर दूर स्थित हैं। ऐसे में घटना के बाद से करीब दो घंटे तक ट्रेन की बोगियां मौके पर खड़ी रहीं। इस भीषण गर्मी और आग जैसी बरसती धूप में लोग लोहे की भट्ठी जैसी तप रही बोगियों में बैठे रहे। कारण बोगियों के बाहर भी ऐसी तीखी धूप थी, जिसमें पलभर के लिए भी खड़ा होना मुश्किल रहा। बता दें कि निहालपुर हाल्ट के समीप सुबह 10.05 बजे ट्रेन के इंजन में आग लगी थी। तब से लेकर दोपहर 12.10 बजे तक ट्रेन की बोगियां मौके पर ही खड़ी रहीं।
चौरीचौरा एक्सप्रेस के इंजन में आग लगने से ट्रेन के हजारों मुसाफिर आग जैसी बरसती धूप से भरी दोपहरी में घंटों फंसे रहे। भीषण गर्मी और प्यास से बेहाल इन यात्रियों के मददगार आसपास के गांववाले बने। गर्मी और प्यास से व्याकुल महिलाएं, बच्चों और अन्य यात्रियों के लिए मौहारी, गोरियों आदि आसपास के गांववाले ठेले में डिब्बे भर-भरकर पानी लेकर आए। पानी पीकर रेलगाड़ी के यात्रियों की जान में जान आई। बता दें कि चौरीचौरा एक्सप्रेस के इंजन में आग गोरियों गांव के समीप ही लगी थी। इस स्थान से गोरियों गांव की दूरी जहां करीब 800 मीटर है। वहीं निहालपुर हाल्ट की दूरी लगभग 1200 मीटर और सिराथू स्टेशन लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है।