भाजपा नेता व सिराथू ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सोनकर से कुर्सी खींचने में विपक्ष नाकाम रहा। विपक्ष बहुमत साबित नहीं कर पाया। ब्लाक प्रमुख अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे। सिराथू ब्लाक में सोमवार सुबह दस बजे अविश्वास कार्रवाई खत्म होने तक गहमागहमी बनी रही। कई बार सदस्यों के बीच झड़प होने के साथ ही हंगामा भी हुआ। इससे पुलिस कर्मियों को भी परेशानीी उठानी पड़ी।
सिराथू ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सोनकर के खिलाफ रेनू सोनकर आदि ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। कुल 111 सदस्यों का समर्थन होने का दावा किया गया था। डीपीआरओ ने जांच के बाद सोमवार को बहुमत साबित करने के लिए विपक्ष को आमंत्रित किया था। सुबह करीब दस बजे से अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद वोटिंग भी कराई गई। सिराथू ब्लाक में कुल 137 बीडीसी हैं। रेनू सोनकर के पक्ष में 64 वोट पड़े, जबकि उन्हें 70 वोट चाहिए था।
वहीं जितेंद्र सोनकर के पक्ष में आठ वोट पड़े और दो वोट अनबैलिड हो गए। बाकी सदस्य अनुपस्थित थे। अनबैलिड वोट को लेकर सदस्यों के बीच अधिकारियों से कहासुनी हुई। पुलिस कर्मियों से भी झड़प हो गई। ब्लाक परिसर के भीतर का माहौल गरम हो गया तो पुलिस ने अपनी मुस्तैदी दिखाई और सदस्यों को बाहर निकाला। इसके बाद बीडीसी सदस्यों व समर्थकों ने जितेंद्र सोनकर को बधाई दी। डीपीआरओ ने बताया कि विपक्ष का अविश्वास गिर गया है। ब्लाक प्रमुख अपने पद पर बने रहेंगे।