मुख्यालय में घरेलू रसोई गैस की किल्लत दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ महीने से सिलेंडर की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि बुकिंग के बाद भी सिलिंडर चार से पांच दिनों की देरी से पहुंच रहा है।
शहर में कुल 30 रसोई गैस वितरण केंद्र हैं। सबसे अधिक समस्या कामकाजी महिलाओं को हो रही है। ऐसे में घर और ऑफिस की व्यवस्था प्रभावित होती है। मंझनपुर थाने में तैनात एक महिला सिपाही ने बताया कि वह अकेली रहती है। गैस नहीं मिलने के कारण तीन दिनों से खाना बाहर खाना पड़ रहा है। इसके चलते काम पर पहुंचने में देरी हो रही है।
वहीं एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि सरकार ने गैस आपूर्ति में लगे 2022 से पुराने टैंकरों को हटाए जाने का आदेश दिया है। इसके कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है। नए टैकरों से करार के बाद ही हालत में सुधार होगा।
छह-सात किमी दूर से सिलिंडर लेने केंद्र पहुंचा तो पता चला कि गैस की गाड़ी आई ही नहीं है। जबकि फोन पर शनिवार को सिलिंडर देने का आश्वासन दिया गया था। रविवार को फिर बुलाया गया है। रविवार को गैस मिलेगी इसका भी भरोसा नहीं है।- लालबाबू, टेनी
- दो दिनों से रोज सात किमी दूर से सिलिंडर लेने के लिए चक्कर लगा रहा हूं। हर बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। घर में गैस नहीं है। मजबूरी में चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है। पत्नी की तबीयत खराब रहती है। ऐसे में बहुत परेशानी होती है।- विनोद कुमार, गढ़ी
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्लांट से आवश्यक सप्लाई की समस्या है। यह दिक्कत केवल एचपी की सात एजेंसी में हो रही है। अन्य सभी एजेंसी में पर्याप्त सप्लाई है। कुछ वितरण केंद्रों पर गाड़ियों की कमी के कारण समस्या है। जल्द ही समस्या का निवारण करवा लिया जाएगा।- मंगेश कुमार मौर्या, जिला पूर्ति अधिकारी
सिलेंडर न होने से बंद पड़ा गैस वितरण केंद्र। संवाद
सिलेंडर न होने से बंद पड़ा गैस वितरण केंद्र। संवाद