शक्ति एवं सिद्ध पीठ शीतला धाम कड़ा में चल रहे आषाढ़ मेला के दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुआें की भारी भीड़ देवी दर्शन के लिए पहुंची। सुबह से लेकर देर शाम तक देवी धाम जयकारों से गूंजता रहा।
प्राचीन शक्ति एवं सिद्ध पीठ शीतला धाम में आदि काल से अषाढ़ मेले का आयोजन होता चला आ रहा है। इस बार इस मेले का शुभारंभ शनिवार से हुआ। रविवार को दूसरे दिन भोर होते ही दर्शनार्थियों की भीड़ देवी दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गई।
इसी के साथ मंदिर में शुरू हुआ पूजा-अर्चना का दौर देर शाम तक जारी रहा। देवी धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से मंदिर जाने वाले मार्ग पर दिन भर जाम जैसे हालात बने हुए थे। दूर-दराज से आने वाले भक्त रेंगते हुए देवी मइया के मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। मेला में अपार भीड़ की संभावना को ध्यान में रखकर जगह-जगह मुस्तैद किए गए पुलिस कर्मियों को भीड़ को संभालने में पसीना-पसीना हो रहे हैं। पंडा समाज के अध्यक्ष जनार्दन प्रसाद का कहना है कि शीतला धाम में आषाढ़ मेले का बहुत महत्व है।
पूर्वांचल का मेला इस पर्व पर देवी मइया के दर्शन के लिए आता है। मेला की वजह से धार्मिक नगरी में आस्था की बरसात हो रही है। दूर-दराज से आने वाले आस्था की बरसात में सराबोर हो रहे हैं।
देवी मइया के भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर आषाढ़ मेला के दौरान निशान, झंडा, पालना आदि चढ़ाते हैं। दूर-दराज के भक्त आने सेे पूर्व ही देवी मइया को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को भिजवा देते हैं।
पूर्वांचल के देवी भक्त शीतला माता द्वारा मनोकामना पूरी होने पर निशान, झंडा और पालना आदि चढ़ाते हैं। इससे खुश होकर देवी मइया की कृपा उनके परिवार पर बनी रहती है। धाम के पंडा विश्वनाथ का कहना है कि देवी मइया के भक्त पूरे देश में हैं। 51 शक्ति पीठों में शुमार शीतला धाम का धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है।