महमूदपुर मनौरी पटाखा फैक्टरी विस्फोट कांड में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी शकील अहमद को शुक्रवार रात मंझनपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। घायल आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में संयुक्त जिला चिकित्सालय मंझनपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई है।
सीओ मंझनपुर सौरभ सामंत के अनुसार, पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग के साथ वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पिपरी थाने में दर्ज पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में वांछित 50 हजार रुपये का इनामी शकील दीवर कोठारी क्षेत्र में मौजूद है। सूचना पर पुलिस और एसओजी टीम ने रात करीब 8:55 बजे नौबस्ता गांव जाने वाले मार्ग पर नहर से लगभग 100 मीटर दूर घेराबंदी की।
पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी देखकर शकील ने भागने का प्रयास किया और खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से 0.315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक हजार रुपये नकद, मोबाइल और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है।
शकील पटाखा कांड के मुख्य आरोपी नौशाद का भाई है। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पहले 25 हजार और बाद में इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी।
नौशाद और उसके बेटे आदिल भी पुलिस मुठभेड़ में हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में नौशाद और आदिल को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जबकि शबाना, साइना और कहकशा बानो को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया जा चुका है। शकील की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने मामले में नामजद छह आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी कर ली है। महमूदपुर मनौरी विस्फोट में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन घायलों का प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है।
एसपी सत्यनारायण ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही थीं। शकील को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने आवश्यक भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। बरामद हथियार और अन्य सामान के संबंध में विधिक कार्रवाई की जा रही है।