25 मई से शुरू हो रहा नौतपा दो जून को समाप्त होगा। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में सूर्य देव अपनी प्रचंड ऊर्जा के साथ होते हैं, जिससे धरती पर गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है।
नौतपा गर्मियों का वह विशेष दौर होता है, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं और लगातार नौ दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने की संभावना रहती है। पंडित दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी और तेज पड़ती है, जिससे तापमान बहुत बढ़ जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान किए गए दान-पुण्य से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं। साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।
नौतपा में किन वस्तुओं का करें दान
पंडित दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि नौतपा में अन्न दान को श्रेष्ठ माना गया है। गरीबों या जरूरतमंदों को गेहूं और चावल दान करने से घर में अन्न-समृद्धि बनी रहती है और कभी भी भोजन की कमी नहीं होती। इसके अलावा प्यासे को पानी शरबत पिलाना चाहिए।
नौतपा में किसकी करें उपासना
नौतपा में सूर्य देव की उपासना करना अत्यंत फलदायी होता है। सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना गया है।आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। जरूरतमंदों की सहायता करना इस अवधि में बहुत पुण्यकारी होता है।