मंझनपुर/महेवाघाट (ब्यूरो)। कौशाम्बी में भीषण शीतलहर के साथ कोहरे का कहर 15 दिनों से जारी है। बर्फीली हवाओं के कारण ऐसी गलन है कि हाथ-पैर सुन्न बने हुए हैं। वहीं इस कड़ाके की ठंड के कारण जिले में लगातार मौतें भी हो रही हैं। शनिवार की रात भी जाड़े की जद में आने से महेवाघाट के एक वृद्ध की सांसें थम गईं। इससे ठंड से अब तक मरनेवालों की संख्या 30 पहुंच गई है।
कौशाम्बी में 15 दिन पहले बूंदाबांदी हुई थी। इसके बाद से ठंड का कहर जारी है। पहाड़ों में हुई बर्फवारी से ऐसी भीषण शीतलहर और गलन है। जिससे दिन-रात लोग कांप रहे हैं। बर्फीली हवाओं के कारण रात का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वहीं रविवार को दिन के भी तापमान में गिरावट आई। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक शीतलहर के साथ रविवार को दोपहर तक भीषण कोहरा भी छाया रहा। धूप नहीं निकलने के कारण दिन के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इससे रविवार को दिन का तापमान नौ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जबकि शनिवार को दिन का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर था। इधर, शीतलहर, गलन के कारण जिले में मौत का भी सिलसिला जारी है।
ठंड लगने से शनिवार की रात महेवाघाट के अहिरन का पुरा गांव निवासी रामखेलावन (65) की मौत हो गई। मृतक के बेटे त्रिलोकनाथ ने बताया कि आधी रात के बाद अचानक सीने और पेट में दर्द होने लगा। कराहने की आवाज पर जाकर उन्हें देखा गया, तो वे दर्द के साथ कांप भी रहे थे। आग जलाकर उन्हें तपाया भी गया। पर, तबीयत में कोई सुधार नहीं आया। कुछ देर बाद उनकी सांसें थम र्गइं। परिजनों का मानना है कि ठंड लगने से ही मौत हुई है। बता दें कि 15 दिन के भीतर कौशाम्बी में ठंड लगने से अब तक 30 लोग की जान जा चुकी है।