विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के 10 वर्ष पुराने मामले में बृहस्पतिवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी को 7 वर्ष की सजा सुनाने के साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सैनी इलाके में 16 जनवरी 2015 को एक 13 वर्षीय किशोरी घर से शौच के लिए निकली थी। इस दौरान कोरियाें (पुराना पुरवा) निवासी अर्जुन किशोरी को अगवा कर ले गए। रातभर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के बाद सुबह उसे छोड़ दिया। बदहवास हालत में किसी तरह घर पहुंची किशोरी ने घटना की जानकारी परिजनों को दी।
मामले में पीड़ित पिता की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया।
गवाहों के बयान सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को अदालत ने फैसला सुना दिया। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का भी आदेश दिया।