आकांक्षी विकासखंड कौशाम्बी की ग्राम पंचायत मकदुमपुर ढोकसहा के मजरा डेकहाई स्थित दलित बस्ती में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। करीब 100 घरों की इस बस्ती में न तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था है और न ही जल जीवन मिशन के तहत पेयजल की पाइपलाइन बिछाई गई है।
मुख्य रास्ते पर गड्ढे होने से लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण चंद्र भवन, चंदा लाल का आरोप है कि चुनाव के समय तमाम योजनाओं का लाभ देने के वादे किए जाते हैं लेकिन उनकी बस्ती की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देता। बारिश के दिनों में रास्ते पर जलभराव होने के साथ घरों में भी पानी घुसने लगता है।
ग्रामीण धर्म नारायण, रामसूरत, अमृतलाल का कहना है कि बस्ती में बसपा शासनकाल के दौरान आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से आज तक रास्ते पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है।
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चुनाव आते ही तमाम तरह की योजनाओं और सुविधाओं की बात की जाती है, लेकिन उनकी बस्ती हमेशा अनदेखी का शिकार रहती है। जिम्मेदारों को बस्ती की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
इंद्रपाल, ग्रामीण
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बारिश के दिनों में रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है। जलभराव के कारण घरों के अंदर तक पानी घुसने लगता है। बुजुर्गों और बच्चों को बस्ती से बाहर निकलते समय कई बार चोट लग जाती है। कई बार शिकायत की गई लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
बृजेश कुमार, ग्रामीण
करीब 100 घरों की बस्ती में जल जीवन मिशन के तहत अब तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। इससे लोगों को पेयजल कनेक्शन भी नहीं मिल सके हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पानी की समस्या और बढ़ जाती है।
दिनेश कुमार, ग्रामीण
वर्जन:=:
बस्ती में सड़क, जल निकासी और पेयजल से संबंधित समस्याओं की जांच कराई जाएगी। अगर मौके पर समस्याएं मिलती हैं तो संबंधित ग्राम सचिव को आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
सुरेश कुमार राय, खंड विकास अधिकारी, कौशाम्बी ब्लॉक
मकदुमपुर ढोकसहा गांव में नाली न होने से सड़क के बीच बह रहा रहा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक
मकदुमपुर ढोकसहा गांव में नाली न होने से सड़क के बीच बह रहा रहा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक
मकदुमपुर ढोकसहा गांव में नाली न होने से सड़क के बीच बह रहा रहा गंदा पानी। संवाद- फोटो : सांकेतिक