स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के तहत वार्डों को आत्मनिर्भर बनाने योजना कागजों में दौड़ रही है। धरातल पर ठहरी है। चार-चार वार्डों में जगह-जगह गीला कूड़ा डालने के लिए कंटेनर (कंपोस्टर) रखे जाने थे। कहीं एक तो कहीं रखे ही नहीं गए। यह स्वच्छता में आत्मनिर्भरता का सच है।
जिले में दो नगर पालिका परिषद और आठ नगर पंचायतें हैं। स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के तहत वार्डों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद चल रही है। वार्डों में एक हजार घरों के बीच कम से कम चार-चार कंपोस्टर रखवाने की योजना थी। ताकि वार्डों से निकलने वाला गीला कचरा बाहर न जाए। वार्ड में ही इन कंपोस्टर के सहारे उससे खाद बनाई जा सके।
मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक कृष्ण राज यादव का दावा है कि सभी 10 निकायों में चार-चार वार्डों में कंपोस्टर रखवा दिए गए हैं, लेकिन मांगने पर इनकी सूची वह नहीं उपलब्ध करा सके। अमर उजाला ने जब पड़ताल की तो पता चला कि नगर पालिका परिषद मंझनपुर में तीन कंपोस्टर ही रखवाए गए हैं।
नगर पंचायत करारी में जानकारी करने पर अध्यक्ष समसाद अहमद ने बताया कि अभी हमारे यहां कंपोस्टर आए ही नहीं हैं। कुछ यही हाल जिले की अन्य निकायों का भी है। वार्डों को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर जिम्मेदार महज कोरम पूरा कर रहे हैं।
इनसेट
ड्रम लेकर आए, फोटो खिंचाई और चले गए
नगर पालिका परिषद मंझनपुर क्षेत्र में एक कंपोस्टर मुख्य चौराहा स्थित एक रेस्टोरेंट के अंदर रखा गया है। मानकों के अनुरूप इसमें सब्जियों, फलों के छिलके व अन्य अवशेष डाले जाने चाहिए, जबकि इसके अंदर बासी खाना फेंका जा रहा है। चमनगंज में मिली साजिदा बेगम, दानिश और अरमान ने बताया कि एक दिन कुछ कर्मचारी एक डिब्बा लेकर आए थे। चार अलग-अलग जगह रखकर फोटो खिंचाई और चले गए। तीसरा कंपोस्टर घना का पुरवा मार्ग पर एक होटल के पास रखा मिला। बस्ती यहां से काफी दूर है।
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स्वच्छता के नाम पर नगर में सिर्फ झाड़ू भर लगती है। कूड़े से खाद बनाने, वार्डों को आत्मनिर्भर बनाने जैसे प्रयास कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।
अमित जायसवाल, मंझनपुर
स्वच्छ भारत मिशन योजना और उसके उद्देश्य तो बहुत लुभावने हैं, लेकिन धरातल पर शासन की मंशा के अनुरूप काम नहीं हो रहा है। सिर्फ कागज पर कोरम पूरे किए जा रहे हैं।
-सोनू कुमार, मंझनपुर
स्वच्छ भारत मिशन नगरीय के तहत कितनी नगर पंचायतों के कितने वार्डों में कंपोस्टर रखवाए गए हैं, यह जानकारी नहीं है। संबंधित अफसरों से ब्योरा मांगा जाएगा, इसकी जांच कराई जाएगी। कहीं कोई खामी मिलेगी तो कार्रवाई भी होगी।
- अरुण कुमार गोंड, एडीएम एफआर