बैरमपुर पीएचसी का निरीक्षण करते सीएमओ। स्रोत: विभाग
सरसवां ब्लॉक क्षेत्र के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों बैरमपुर और शाहपुर का सीएमओ ने रविवार को जायजा लिया। पीएचसी बैरमपुर में उगी घास और अन्य अव्यवस्थाएं देख उनका पारा चढ़ गया। मेडिकल ऑफीसर इंचार्ज (एमओआईसी) को फोन मिलाकर कहा कि अस्पताल का कबाड़ा बना दिया है। कितने दिन पहले निरीक्षण किया था। अगर आए थे तो देखा क्या।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण करने आए थे। सुबह करीब 11.30 बजे वह पीएचसी शाहपुर पहुंचे। सबसे पहले चिकित्सक व कर्मचारियों की उपस्थिति देखी। इसके बाद चिकित्साधिकारी डॉ. गिरिजेश कुमार से मरीजों के उपचार के बारे में जानकारी ली। यहां पर लगे एक वाॅशबेसिन में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही थी। टूटी चहारदीवारी के बारे में पूछताछ की। सरसवां के एमओआईसी डॉ. प्रसून जायसवाल को एक सप्ताह के अंदर कमियों को दूर कराने का निर्देश दिया।
दोपहर करीब 12.30 बजे वह बैरमपुर पीएचसी पहुंचे। यहां उन्हें हर तरफ अव्यवस्था मिली। पूरे परिसर में ऊंची-ऊंची झाड़ियां और घास थी। दरवाजे व खिड़कियां भी टूटी मिलीं। इस पर वह भड़क उठे। चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश प्रकाश से सख्त लहजे में पूछा कि क्या अस्पताल ऐसा ही होता है? दवाओं का स्टॉक चेक किया तो एंटी स्नैक वेनम व अन्य कई जरूरी जवन रक्षक दवाएं नहीं मिलीं। इस लापरवाही पर फार्मासिस्ट ओम प्रकाश सिंह को जमकर फटकार लगाई। करीब 1.30 बजे तक सिर्फ 11 मरीज आए थे। मरीजों की कम संख्या पर भी नाराजगी जताई। कहा कि साफ जाहिर है यहां मरीजों का इलाज सही से नहीं होता, इसीलिए मरीज नहीं आ रहे हैं। सीएमओ ने अस्पताल की बदहाली पर एमओआईसी डॉ. प्रसून जायसवाल को खूब खरी-खरी सुनाई। चेतावनी दी कि एक सप्ताह में व्यवस्थाएं न सुधरी, तो कार्रवाई तय है। इसके अलावा पीएचसी बैरमपुर में प्रसव की सुविधा शुरू कराने का भी निर्देश दिया।