उमसभरी गर्मी से बेहाल कौशाम्बी के लोगों पर रविवार को राहत की बारिश हुई। ऐसे में उमस से तो लोगों को छुटकारा मिल गया, लेकिन कीचड़ और जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग इस समस्या से जूझते रहे। लोगों का पैदल चलना दुश्वार रहा।
नगर पालिका परिषद मंझनपुर के चमनगंज में सड़क बारिश के पानी से लबालब हो गई। मोहल्ले के करीब 150 घरों के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हुई। कई बाइक और साइकिल सवार गिरते-गिरते बचे। वहीं आजाद नगर की सड़कें कीचड़ से सन गईं। इन पर चलना खतरे से खाली नहीं रहा। यही नहीं इसी मोहल्ले की कई गलियों में पहले से ही घरों का पानी भरा था।
बारिश के बाद स्थानीय लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ गईं। आजाद नगर की रफीकुननिशा ने बताया कि करीब एक साल से जल निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। फिर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। असगर अली का कहना है कि मोहल्ले की मुख्य सड़क कच्ची है। इस पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। हल्की बारिश हो जाए तो पूरी सड़क पर कीचड़ हो जाता है। इसके अलावा नगर के अन्य कई मोहल्लों में भी जलभराव की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ा।
धान के लिए अमृत है यह बारिश
उदहिन के किसान अनिल सिंह का कहना है कि जिस तरह की रिमझिम बारिश रविवार को हुई है, ऐसी ही बारिश का फसलों को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। चांदे राय के उदयन का कहना है कि यह बारिश धान की फसल को सबसे अधिक लाभ पहुंचाएगी। इससे पौधों का विकास तेजी से होगा। कुछ दिन सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, इससे पैसे बचेंगे।
नेवादा के सुरसेनी निवासी अशोक मिश्रा ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण फसल में रोग लगने का खतरा बढ़ गया था। अब संकट भी दूर हो गया है। केवीए के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह बारिश धान और बाजरे के लिए फायदेमंद है। लेकिन, सब्जियों की फसल व तिल की फसल को नुकसान हो सकता है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था है तो इन्हें भी फायदा मिलेगा।
पूरब पश्चिम शरीरा नगर पंचायत के श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर के रास्ते में जलभराव। संवाद
पूरब पश्चिम शरीरा नगर पंचायत के श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर के रास्ते में जलभराव। संवाद