विद्युत उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। शासन की ओर से लागू विद्युत बिल राहत योजना का द्वितीय चरण एक जनवरी से शुरू हो गया है, जो 31 जनवरी तक चलेगा। यह योजना पहले चरण में एक दिसंबर से लागू की गई थी। इस योजना में घरेलू बिजली-पंखा श्रेणी में दो किलोवाट और वाणिज्यिक श्रेणी में एक किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान करने पर बड़ी राहत दी जा रही है।
विद्युत विभाग के अनुसार, बकाया बिल का एकमुश्त भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत ब्याज में छूट और मूलधन पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी। इसके साथ ही विद्युत चोरी से जुड़े पंजीकृत एफआईआर मामलों में राजस्व निर्धारण की धनराशि पर 45 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना और राजस्व वसूली में तेजी लाना है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को निर्धारित समयसीमा में अपने बकाया बिल का भुगतान करना जरूरी होगा।
बिजली उपभोक्ताओं में बढ़ा भुगतान करने का उत्साह
-विद्युत बिल राहत योजना का असर जिले में दिखाई देने लगा है। योजना लागू होने के बाद अब तक बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपना बकाया बिल जमा किया है। विद्युत विभाग के अनुसार, जिले में कुल 1,24,443 बकायेदार उपभोक्ता हैं, जिन पर करीब 237.06 करोड़ रुपये का बकाया है। सोमवार तक 30,253 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेते हुए 24.31 करोड़ रुपये जमा किए हैं।
बिजली चोरी के मामलों में भी वसूली की प्रक्रिया तेज हुई है। जिले में बिजली चोरी के कुल 3,784 प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें करीब 97.44 करोड़ रुपये का बकाया है। सोमवार तक 539 उपभोक्ताओं ने 1.04 करोड़ रुपये की राशि जमा की है। अधिकारियों का कहना है कि योजना के तहत ब्याज में 100 फीसदी और मूलधन में आंशिक छूट मिलने से उपभोक्ताओं में भुगतान को लेकर उत्साह बढ़ा है। विभाग ने शेष बकायेदारों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया जमा कर योजना का लाभ उठाएं।