मंझनपुर। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम फैसले से कौशाम्बी में काउंसलिंग करा चुके अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति के अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। प्रशिक्षु शिक्षक पद पर चयन के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में सामान्य वर्ग के 70 और बीसी, एससी के लिए 65 फीसदी अंक को चयन का आधार बनाया गया है। इससे 117 अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। डायट प्राचार्य ने पात्रों की सूची एसईआरटी को भेजने का दावा किया है।
प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों में खाली पड़े सहायक अध्यापक के 72825 पदों पर भर्ती के लिए तीन चक्रों में काउंसलिंग कराई जा चुकी है। 75 फीसदी सीटें फिल हो चुकी हैं। 25 फीसदी रिक्त बची सीटों पर भर्ती के लिए दो जनवरी 2015 से चौथी काउंसलिंग कराने का कार्यक्रम तय किया गया है। उधर सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई भी चल रही थी। 23 दिसंबर को न्यायालय ने अपने अंतरिम फैसले में सामान्य वर्ग के 70 और पिछड़ी जाति एवं अनुसूचित जाति के 65 फीसदी अंक अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में पाने वाले अभ्यर्थियों को पात्र मानते हुए छह सप्ताह में नियुक्त करने का आदेश प्रदेश सरकार को दिया है। इसके बाद प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता ने पत्र भेजकर डायट प्राचार्यों को न्यायालय के आदेश मुताबिक टीईटी में सामान्य वर्ग के 70 और पिछड़ी एवं अनुसूचित जाति के 65 फीसदी अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की सूची 29 दिसंबर तक भेजने का निर्देश दिया था।
प्रचार्य नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कौशाम्बी में 1000 हजार प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती होनी है। अब तक तीन चक्रों की काउंसलिंग में 843 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। विशेष आरक्षण और शिक्षामित्र कोटे की 157 सीटें खाली थीं। नए शासनादेश के अनुसार डायट में काउंसलिंग करा चुके पिछड़ी और अनुसूचित जाति के 117 अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। 726 चयनित अभ्यर्थियों की सूची एससीआरटी को भेज दी गई है। प्राचार्य का दावा है कि खाली पड़े 224 पद चौथी काउंसलिंग में भरे जाएंगे। काउंसलिंग कराने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन पक्का है। दो जनवरी 2015 से चौथी काउंसलिंग का कार्यक्रम घोषित किया गया था। पर कटऑफ जारी नहीं होने से अभ्यर्थियों में ऊहापोह की स्थिति बनी है।