पंचायत चुनाव के लिए चल रहे मतदाता सूची वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम में ड्यूटी से नदारद रहने और लापरवाही बरतने वाले 14 बीएलओ शिक्षक-शिक्षामित्रों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम मंझनपुर ने तत्काल प्रभाव से इनका सितंबर माह का वेतन रोकने का आदेश बीएसए को दिया है।
तहसील सभागार में बृहस्पतिवार को सुपरवाइजरों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सरसंवा, मंझनपुर और कौशाम्बी ब्लॉक के कई बीएलओ की कार्य में लापरवाही उजगर हुई। इन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण के काम को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
इस पर एसडीएम ने निखोदा की गीता वैश्य (शिक्षामित्र), हिनौता की माया सिंह (सहायक अध्यापक), अलवारा की कमला देवी (शिक्षामित्र), हिसामपुर के रामबदन (शिक्षामित्र), भरसंवा के इशांत कुमार चौधरी (सहायक अध्यापक), विदांव के जशमन (सहायक अध्यापक), भटवारिया के राजकुमार (सहायक अध्यापक), नंदौली की सोनम विश्वकर्मा (सहायक अध्यापक), छेकवा के अंबिका प्रसाद सिंह (शिक्षामित्र), धरमपुर के राकेश कुमार सिंह (शिक्षामित्र), भगवतपुर के धीरेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक), कटरी की उमा देवी (शिक्षामित्र), बकोड़ा के शशिकांत सिंह (सहायक अध्यापक) और महिला के मेराजुद्दीन (सहायक अध्यापक) को लेकर कड़े निर्देश दिया है।
-एसडीएम एसपी वर्मा ने बताया कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन शिक्षकों ने लापरवाही पूर्वक कार्य किया है, उनका सितंबर माह के वेतन रोके जाने का निर्देश दिया गया है।