बिजली गिरने की चपेट में आकर बेटे व भतीजी को खोने वाले सदाशिव की हालत बदहवास हो गई थी। लोग पानी की छीटें मारकर उसे होश में लाते। कभी वह पोस्टमार्टम हाउस तो कभी जिला अस्पताल में जीवन मौत के बीच संघर्ष कर रही पत्नी के पास जाने की जिद करता। गांव से लेकर जिला अस्पताल तक घायलों के परिजनों, रिश्तेदारों की भीड़ जमा रही।
लोधन का पूरा निवासी सदाशिव व अमर सिंह दो भाई थे। अमर सिंह की मौत हो चुकी है। दोनों भाइयों के हिस्से में महज सात-सात बिस्वा जमीन है। इसी जमीन पर मंगलवार को धान की रोपाई हो रही थी। हादसे में सदाशिव की पत्नी माधुरी भी गंभीर रूप से झुलसी हैं। जिला अस्पताल में भर्ती माधुरी को यह नहीं बताया गया था कि घटना में उसके बेटे व भतीजी की मौत हो चुकी है। लोगों की भीड़ देख वह कुछ बोल नहीं पा रही थी, लेकिन अस्पताल में आसपास पड़े बेड में साथ काम कर रहे लोगों की हालत देख उसकी आंखों से आंसू छलक रहे थे।
मेहनत-मजदूरी कर बीमार मां की देखभाल करती थी रानी
पश्चिमशरीरा। बिजली की चपेट में आकर जान गंवाने वाली रानी के पिता अमर सिंह की करीब दस साल पहले मौत हो चुकी है। मेहनत मजदूरी करके अपनी बीमार मां की देखभाल करती थी। रानी के दो भाई परिवार से अलग रहते हैं। मेहनतकश रानी को जहां भी काम मिलता था, वह उसे नहीं छोड़ती थी। चाचा सदाशिव जब अपने खेत में धान की रोपाई करने जा रहे थे तो रानी ने खुद ही काम पर चलने को कहा था। संवाद
Iबिजली गिरने की चपेट में आकर जिन लोगों की मौत हुई है, उनके आश्रितों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये मुहैया कराया जाएगा। सीएमओ से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा। - आकाश सिंह, एसडीएम, सदरI