तराई के लोग सड़क के गड्ढों में उलझकर रह गए हैं। कोई भी ऐसा लिंक मार्ग नहीं है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे न हो। आवागमन के लिए लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे नाराज लोगों ने कई बार अधिकारियाें को शिकायती पत्र भी दिया, लेकिन इन सड़कों का मरम्मतीकरण नहीं कराया गया।
यमुना तराई के लोग जब मुख्य मार्ग पर आते हैं, तभी वह राहत की सांस लेते हैं। संपक मार्गों से होकर इन प्रमुख मार्गों पर आने तक वह पसीना छोड़ देते हैं। दिन में तो किसी तरह लोग आवागमन कर लेते हैं, लेकिन रात में उन्हें मशक्कत करनी पड़ती है। बैरागीपुर से रामनगर को जाने वाले मार्ग का हाल बुरा है। मोटरसाइकिल से आने-जाने में लोगों को दिक्कत होती है। चार पहिया वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं। यही हाल शाहपुर-भवनसुरी का है।
महेवाघाट के नए थाना के सामने दो बड़े गड्ढे बन गए हैं। मुख्य मार्ग पर स्थित ये गड्ढे जानलेवा हैं। अब तक यहां करीब आधा दर्जन हादसे हो चुके हैं। तेज रफ्तार लोग यही धोखा खा जाते हैं। इनके अलावा टिकरा नहर से निगहा जाने वाले मार्ग की भी यही स्थिति है। सालों से इन सड़कों का मरम्मतीकरण नहीं हुआ। इससे गिट्टियां गायब हो गई हैं। सड़क की जगह गड्ढे हैं। बरसात में यह सड़क तालाब बन जाती है। कई बार लोगों ने इन सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग तहसील दिवस में की, लेकिन कोई पहल नहीं हुई।