कौड़िहार के कुरेसर घाट पर आस्था की डुबकी लगाने आए एक परिवार के तीन सदस्यों को डूबता देख आरएसएस के एक पदाधिकारी ने अपनी जान की बाजी लगा दी। दो लोगों को तो बचा लिया गया, लेकिन एक महिला और वह खुद गंगा में समा गए।
नवाबगंज के जगदीशपुर चांधन गांव निवासी आरएसएस के शारीरिक प्रमुख सुरेश कुमार केसरवानी (39) सोमवार सुबह प्रतिदिन की तरह कुरेसर घाट पर स्नान कर रहे थे। पास में घाटमपुर गांव का एक परिवार भी स्नान के लिए आया था। सुबह करीब आठ बजे उसी परिवार के राम सिंह यादव (54) गंगा में डूबने लगे। बड़े भाई को डूबता देख छोटे भाई नितेश (35) उर्फ राजू ने नदी में छलांग लगा दी, पर वह भी लहरों में फंस गए।
पति और जेठ को मौत के मुंह में जाता देख नितेश की पत्नी अनीता (32) भी गंगा में कूद पड़ीं और वह भी गहरे पानी में जाने लगीं। एक ही परिवार के तीन लोगों को डूबता देख घाट पर चीख-पुकार मच गई। यह मंजर देख सुरेश केसरवानी ने गंगा की तेज धारा में छलांग लगा दी। उनका साहस देख घाट पर मौजूद कुछ अन्य लोग भी मदद के लिए कूद पड़े। राम सिंह व नितेश को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन अनीता और सुरेश गंगा में समा गए।
घटना की जानकारी मिलते ही नवाबगंज थाना प्रभारी पंकज अवस्थी घाट पर पहुंचे। इसके बाद डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार व एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला सिंह भी देर रात तक डटे रहे। जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम दोनों की तलाश में जुटी रही।
अजनबी बना फरिश्ता
सुरेश केसरवानी ने यह साबित कर दिया कि परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। वह उस परिवार के लिए बिल्कुल अंजान थे। उनकी इस बहादुरी ने दो भाइयों को नया जीवन तो दे दिया लेकिन बदले में फरिश्ता गंगा में समा गया। सुरेश का यह निस्वार्थ समर्पण इन्सानियत की ऐसी नजीर बन गया है, जिसे लोग लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।
मौके पर पहुंचे विधायक, आज फिर शुरू होगी तलाश
लालगोपालगंज। नवाबगंज थाना क्षेत्र के कुरेसर घाट पर एक महिला एवं आरएसएस पदाधिकारी के गंगा में डूबने के बाद जब बचाव कार्य में विलंब हुआ तो कुछ स्थानीय नेता मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इन लोगों ने शोकाकुल परिजनों को भड़काने का प्रयास किया। इसी बीच फाफामऊ विधायक गुरुप्रसाद मौर्य और भाजपा गंगापार मीडिया प्रभारी उमेश तिवारी भी पहुंच गए।
उन्होंने उच्चाधिकारियों से संपर्क कर राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए। पीड़ित परिजनों को ढांढ़स बंधाया और सरकार की तरफ से हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। उनके हस्तक्षेप से माहौल शांत हुआ। वहीं दूसरी ओर, एसडीआरएफ व जल पुलिस की टीम ने स्टीमर व जाल की मदद से रात करीब आठ बजे तक गंगा में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सुरेश व महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका। इंस्पेक्टर पंकज अवस्थी के अनुसार मंगलवार सुबह से पुनः रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा। संवाद