शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के पेपर लीक मामले में पकड़ गया जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनात रोशन सिंह पटेल रातोंरात बेशुमार दौलत कमाना चाहता था। नौकरी तो वह नाम के लिए करता था, उसका पेशा बालू और सड़क ठेकेदारी का था। रविवार को टीईटी सॉल्वर गैंग के साथ पकड़े जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के जुबान पर ताले पड़ गए हैं। कोई प्रकरण पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
रविवार को जिले में टीईटी परीक्षा के लिए 10 केंद्र बनाए गए थे। जिसमें 11837 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। परीक्षा 10.30 बजे से होनी थी, लेकिन प्रवेश का समय 9.30 बजे केंद्रों में निर्धारित किया गया था। भरवारी में भी परीक्षा केंद्र बना था। परीक्षा केंद्र में जैसे ही परीक्षार्थियों ने प्रवेश लिया सबसे पहले भरवारी स्थित केंद्र के अभ्यर्थियों ने आधे से ज्यादा प्रश्नों का हल ओएमआर सीट पर लिख दिया।
इस बीच अचानक एसटीएफ की टीम पहुंची और कोखराज पुलिस की मदद से केंद्र के बाहर से चित्रकूट जनपद निवासी रोशन सिंह पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पता चला कि रोशन सिंह ने पेपर लीक किया है। पेपर लीक प्रकरण में जो लोग पकड़े गए हैं उन्होंने रोशन का नाम नाम लिया था। छानबीन के दौरान पता चला कि रोशन सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा में लैब टेक्नीशियन के पद वर्ष 2008 से तैनात है। नौकरी से उसे कभी लगाव नहीं रहा। वह शार्टकट के जरिए दौलत कमाने की फिराक में रहता था।
एसटीएफ को उसके पास से पर्याप्त सुबूत मिले हैं। मामले में रोशन सहित पांच के खिलाफ कोखराज कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर कोखराज महेश चंद्र का कहना है कि रोशन पटेल ने बताया कि वह जिला अस्पताल में एलटी है। एसटीएफ रिमांड पर उसे अपने साथ ले गई है। मामले की छानबीन की जा रही है।
सड़क और बालू घाट की करता था ठेकेदारी
वर्ष 2008 में नौकरी में आया रोशन सिंह प्रयागराज के झलवा स्थित एमआईजी कॉलोनी 49 में किराए का कमरा लेकर रहता था। वह दूसरे के नाम से सड़क व बालू घाटों की ठेकेदारी करता था। सूत्रों के अनुसार जिले में अपना ठिकाना बनाने के लिए जिला अस्पताल परिसर में भी उसने दूसरे के नाम से आवास आवंटित करा रखा था।
वह विभाग के अफसरों की सेवा का भी कोई मौका नहीं छोड़ता था। वर्ष 2011 से वह कड़ा पीएचसी में पोस्ट है, लेकिन वह सीएचसी इस्माइलपुर में काम करता है। बताया जा रहा है कि रोशन महीने में एक दिन जाकर ही हस्ताक्षर बनाकर पूरे महीने का वेतन ले लेता था।
रोशन ने वर्ष 2009 में संगठन के चुनाव में की थी दावेदारी
जालसाज रोशन अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए अपने विभागीय संगठन का भी सहारा लेना चाहा था। वर्ष 2009 में उसने प्रयोगशाला प्राविधिक संघ (एलटी) के जिला स्तरीय पद के लिए मोतीलाल सिंह पटेल के सामने दावेदारी भी पेश की। हालांकि बाद में उसने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इस चुनाव में मोतीलाल सिंह निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित चुने गए और तब से आज तक वही अध्यक्ष हैं।
उदिहिन में ससुराल, रिश्तेदारों को पुलिस ने उठाया
जालसाज रोशन सिंह पटेल के ससुराल वालों की नौकरी पर भी पुलिस को शक है। रोशन की ससुराल पइंसा कोतवाली के उदिहिन में है। उसका एक साला मास्टर है और दूसरा फार्मासिस्ट है। पुलिस का मानना है कि यह नौकरी भी फर्जी हो सकती है। पुलिस ने रविवार रात भी उन्हें उठा लिया। हालांकि इस बाबत पुलिस अभी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं।
पुलिस को करता रहा गुमराह
रोशन पटेल मूलरूप से चित्रकूट जिले से बसवार गांव का रहने वाला है। लेकिन उसने पुलिस को दिए बयान में अपना हाल पता जिला अस्पताल बताया था। इसके अलावा पता शंकर बाजार कर्वी लिखाया है। इसके पीछे रोशन का क्या मकसद था, पुलिस जांच में जुटी है।
रोशन के दो साथी फरार, कार-नकदी बरामद
रोशन के कुबूलनामे के मुताबिक उसके साथ पेपर लीक मामले में उसके साथ लखनऊ के गोमती नगर निवासी संतोष और गोरखपुर जिले के पुनीत सिंह भी शामिल थे। रोशन लाल पटेल की गिरफ्तारी के बाद दोनों लोग भाग निकले। रोशन के पास से पुलिस ने एक कार, दो मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, 14 हजार दो सौ नकद और 14 अदद प्रश्न पत्र बरामद किए हैं।
इन धाराओं में दर्ज है केस
धारा- 420, धारा- 467, धारा 468, धारा 471, धारा- 4/10 परीक्षा अधिनियम