यमुना में डूबी तिल्हापुर गांव की 19 वर्षीय करिश्मा उर्फ भुअरी का शव शनिवार शाम करीब सवा सात बजे घटनास्थल से 12 किलोमीटर दूर सेंवढ़ा गांव के मजरा पठन का पुरवा घाट पर उतराया मिला।
करीब 32 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने पर मौके पर मौजूद परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। शव मिलते ही परिवार में चीखपुकार मच गई। तिल्हापुर गांव निवासी स्व. महेश की बेटी करिश्मा शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पड़ोस की सहेलियों कोमल, सावित्री, काजल और तारावती के साथ रुसहाई और महरनिया घाट के बीच यमुना में नहाने गई थी।
नहाते समय करिश्मा, कोमल और सावित्री गहरे पानी में डूबने लगीं। घाट पर मौजूद तारावती ने किसी तरह कोमल और सावित्री को बचा लिया, लेकिन करिश्मा गहरे पानी में समा गई।
सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर शाम तक तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार सुबह प्रयागराज से एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची। एसडीएम प्रेरणा गौतम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने सरकारी स्टीमर से सैदपुर, औधन, ब्यूर, सेंवढ़ा और पठन का पुरवा घाट तक करीब 12 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। शाम को पठन का पुरवा घाट पर करिश्मा का शव उतराया मिला। निरीक्षक ज्ञान सिंह ने बताया कि शव को गांव लाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
करिश्मा की फाइल फोटो
करिश्मा की फाइल फोटो