सदर तहसील क्षेत्र के बक्शीतारा गांव में 28 जून को मिली प्राचीन देवी प्रतिमा की लिखित सूचना अभी तक पुरातत्व विभाग को नहीं दी गई। इससे मूर्ति के समय-काल और उसकी विशिष्टता की जानकारी नहीं हो पा रही है।
बक्शीतारा गांव निवासी परमेश्वर त्रिपाठी के खेत की खोदाई के दौरान जिस स्थान पर मूर्ति मिली, वहां पर लखौरी ईंटें भी मिली थीं। लोगों ने गांव के काली माता देवी स्थान पर मूर्ति को रखकर तहसील प्रशासन को खबर दी। प्रशासन का कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
बृहस्पतिवार को अफवाह फैली की मूर्ति चोरी हो गई है। चौकी इंचार्ज गुरौली विमल कुमार मौके पर पहुंचे। छानबीन में पता चला कि मूर्ति चोरी होने के डर से खेत मालिक के पट्टीदार शिवबाबू ने उसे अपने घर में रख लिया था। फिलहाल मूर्ति को पुलिस चौकी में रखा गया है। गांव के बुजुर्गों के बीच चर्चा रही कि जिस स्थान पर मूर्ति मिली है वहां पहले बंजारों की बस्ती थी। मूर्ति प्राचीन काल की बताई जा रही थी।
इस बाबत क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी प्रयागराज मंडल डॉ. राम नरेश पाल ने बताया कि उन्हें प्रशासन की तरफ से मूर्ति मिलने की सूचना नहीं है। अगर सूचना मिलती है तो मूर्ति को कब्जे में लेकर उसके इतिहास के बारे में पता किया जाएगा।
तहसीलदार सदर भूपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने फोन पर सूचना दी थी। एसडीएम को लिखा-पढ़ी में मूर्ति मिलने की रिपोर्ट भेजी गई है।