भौतिक युग की चकाचौंध के आगे लोग आध्यात्म से दूर होते जा रहे हैं जबकि हकीकत पर जाएं तो आध्यात्म के आगे भौतिक जगत पूर्णतय शून्य है। बौद्धिक जागरूकता की यह बातें भगवती मानव कल्याण के जिलाध्यक्ष ने बबुरा में आयोजित मासिक महाआरती में शामिल हुए भक्तों को बताई।
रविवार को बबुरा गांव में भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा मासिक महाआरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल भक्तों ने महाआरती के जरिए मां अंबे की आराधना की। इसके बाद वक्ताओं ने आए हुए भक्तों को आध्यात्म से जुड़ी तमाम जानकारियां दी। इस दौरान शक्ति चेतना संगठन के जिलाध्यक्ष ज्ञान स्वरूप मिश्र ने बताया कि आध्यात्मिक जगह के सामने भौतिक जगत शून्य है। आध्यात्मिक जीवन केवल बाह्य पूजा पाठ से निर्मित नहीं होता ग्रंथों को रटने से नहीं मिलता बल्कि व्यक्ति को उसमें पूर्ण रूप से समाहित होना पड़ता है।
भगवती मानव कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह योग भारती ने कहा कि नशामुक्त, मांसाहार मुक्त और चरित्रवान जीवन जीने का संदेश भक्तों को दिया। महाआरती कार्यक्रम के मौके पर राजेंद्र अग्रहरि, गंगादीन प्रजापति, शत्रुघ्न शुक्ल, श्याम नारायण त्रिपाठी समेत तमाम भक्तगण मौजूद रहे।