सिराथू। सिराथू में 29.67 करोड़ रुपये की लागत से बना 220 केवीए विद्युत सब स्टेशन सोमवार को चालू हो गया। लखनऊ सें वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री और सिराथू में क्षेत्रीय विधायक वाचस्पति ने इस उपकेंद्र को जनता को समर्पित किया।
इस मौके पर विधायक ने कहा कि इससे सिराथू क्षेत्र के कम से कम 100 गांवों की बिजली समस्या खत्म होगी। उधर, उपकेंद्र के चालू होने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी खुशी जाहिर की है। बता दें कि इस उपकेंद्र को चालू कराने की मांग को लेकर 25 दिनों से भाकियू कार्यकर्ता धरने पर बैठे थे।
सिराथू कस्बे में 29.67 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवीए का बिजली उपकेंद्र स्थापित किया गया है। यह उपकेंद्र पिछले पांच साल से बन रहा था। बहुप्रतीक्षित इस उपकेंद्र का लोकार्पण सोमवार को लखनऊ से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने किया।
वहीं यहां सिराथू में क्षेत्रीय विधायक वाचस्पति ने फीता काटकर उपकेंद्र को जनता को समर्पित किया। विधायक ने कहा कि इस उपकेंद्र के चालू होने से अब क्षेत्रवासियों को बिजली की किसी भी तरह की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। वहीं इस मौके पर उपकेंद्र में उर्जा बचाओ संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
गोष्ठी में अधीक्षण अभियंता पीएम उपाध्याय ने बताया कि सिराथू में उच्च क्षमता का उपकेंद्र चालू होने से क्षेत्र के करीब 100 गांवों को लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अब रींवा रोड से बिजली सीधे सिराथू उपकेंद्र आएगी, जबकि पहले बिजली मंझनपुर के टेंवा स्थित उपकेंद्र के माध्यम से सिराथू आती थी, जिससे काफी लाइनलास होता था।
इसी वजह से लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग जैसी समस्याएं लोगों को झेलनी पड़ती थी। उन्होंने बताया कि कभी-कभी तो बिजली आपूर्ति की हालत इतनी खराब हो जाती थी कि ट्रेनें तक खड़ी होने की नौबत आ जाती थी। पर, नए उपकेंद्र के चालू हो जाने से इन सभी समस्याओं का खात्मा हो जाएगा। इस मौके पर अधिशाषी अभियंता आरके शर्मा, भाकियू के मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम आदि स्थानीय तमाम लोग मौजूद रहे।
सिराथू के 220 केवीए बिजली सबस्टेशन को चालू कराने के लिए भाकियू को 25 दिनों तक आंदोलन करना पड़ा। सोमवार को उपकेद्र के चालू होते ही कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार किया। साथ ही धरना समाप्त करके कार्यकर्ता अपने-अपने घरों को लौट गए। बता दें कि सिराथू में करीब सालभर से बनकर तैयार 220 केवीए को चालू नहीं किया जा रहा था।
इसे लेकर गुस्सा जताते हुए भाकियू ने उपकेंद्र के सामने ही धरना शुरू कर दिया था। भाकियू के कार्यकर्ता पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। उनका ऐलान था कि उपकेंद्र चालू होने के बाद ही वे यहां से हटेंगे। इधर, सोमवार को उपकेंज्र का लोकार्पण होने के बाद भाकियू के मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम ने कहा कि उपकेंद्र के चालू हो जाना कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है।
कहाकि इससे अब क्षेत्र के लोगों को बिजली की लो-वोल्टेज समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। भाकियू नेता ने कहा कि अब भी उपकेंद्र का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। भाकियू अब इस अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करवाने की कोशिश करेगी। इस मौके पर सुशील सिंह, रणवीर सिंह, राजाराम, नूर मोहम्मद, मुस्तफा, कामता प्रसाद, आदि मौजूद रहे।
सिराथू में बने 220 केवीए उपकेंद्र के साथ ही सिराथू और चायल में 33 केवीए का उपकेंद्र भी स्थापित किया गया है। इन दोनों कस्बों में बिजली की सप्लाई के लिए बनाए गए 33 केवीए उपकेंद्र का भी सोमवार को सिराथू विधायक वाचस्पति ने लोकार्पण किया। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष मधु वाचस्पति आदि मौजूद रहीं।