मंझनपुर। पीआरडी जवानों से ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली हो रही है। यह वसूली प्रतिमाह करीब पांच से छह लाख की होती है। यह आरोप लगाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रांतीय रक्षक दल मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
जिले में करीब 300 पीआरडी के महिला व पुरुष जवान हैं। इनकी प्रतिमाह ड्यूटी लगाई जाती है। एक जवान ने ड्यूटी के नाम पर दो से तीन हजार रुपये वसूली का आरोप लगाया है। जवानों की शिकायत पर जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने मंत्री प्रांतीय रक्षक दल को पत्र लिखकर ब्लॉक कमांडर सिराथू व ड्यूटी प्रभारी अंशु मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। जिपं अध्यक्ष ने बताया कि ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रतिमाह पांच से छह लाख की वसूली की जाती है। इनकी जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन से कराते हुए कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
क्या है ड्यूटी लगाने का नियम
पीआरडी जवानों की ड्यूटी ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से होती है। ऑनलाइन ड्यूटी लखनऊ से लगती है। जबकि ऑफलाइन ड्यूटी कार्यालय से लगाई जाती है। जवानों का कहना है कि किस जवान की ड्यूटी कहां लगी है। यह विभागीय अधिकारियों की जानकारी में ही होती है। जो रुपये देते हैं, उनकी ड्यूटी की जानकारी दी जाती है। बिना ड्यूटी के किसी को भुगतान नहीं मिलता। ऐसे में जवान ड्यूटी के लिए रुपये देने के लिए मजबूर हैं।
आरोप बेबुनियाद है। एक जवान असगर अली के खिलाफ कार्रवाई की गई है। चार अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक यह लगातार परेड में नहीं आए। ऐसे में इनको तीन से छह माह तक के लिए ड्यूटी से वंचित किया गया। इसको लेकर इनकी ओर से शिकायत की जा रही है। -अंशु मिश्र, ड्यूटी प्रभारी
ड्यूटी प्रभारी अंशु मिश्रा की कई बार शिकायत मिली है। इनको फोन कर इस प्रकार की वसूली नहीं करने की हिदायत भी दी गई थी, लेकिन, आदत में सुधार नहीं होने के कारण विभागीय मंत्री को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। - कल्पना सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष