तहसील दिवस में फरियादियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों का निस्तारण महज खानापूर्ति रह गई है। डीएम द्वारा बार-बार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का फरमान जारी किया जाता है पर मातहतों पर इसका असर ही नहीं दिखता। मामला चित्तापुर गांव में राशनकार्ड वितरण और कार्डधारकों के नाम में फेरबदल का है। पूर्ति निरीक्षक ने बगैर निस्तारण के ही एसडीएम चायल को रिपोर्ट भेज दिया। मामले की शिकायत सोमवार को पीड़ितों ने डीएसओ से की है।
नेवादा ब्लॉक के चित्तापुर निवासी हरिश्चंद्र, प्रमेश कुमार, श्रवण द्विवेदी, आशिक अली, बेला देवी आदि ने पांच जुलाई को तहसील दिवस चायल में डीएम से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने अंत्योदय और बीपीएल कार्ड में फेरबदल किया है। चित्तापुर के दस गरीबों का अंत्योदय कार्ड कटवाकर हर्रायपुर के रहने वाले आर्थिक रूप से संपन्न लोगों का बना दिया। पूछे जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी ने कहा कि कार्ड से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
डीएम ने मामले की जांच डीएसओ को दी तो उन्होंने आपूर्ति निरीक्षक नेवादा को कार्रवाई का निर्देश दिया। आपूर्ति निरीक्षक ने एसडीएम को जांच आख्या भेजकर बताया कि कार्ड सत्यापन बीएलओ कर रहे हैं। जब रिपोर्ट आएगी तो मामले में कार्रवाई कर दी जाएगी। आपूर्ति निरीक्षक द्वारा निस्तारण की रिपोर्ट भेजे जाने की जानकारी शिकायतकर्ताओं को हुई तो वह सोमवार को डीएसओ अनूप त्रिपाठी से मिले और मनमानी का आरोप लगाया है।