अपर जिला जज बृजेश कुमार यादव ने शनिवार को कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के दुष्कर्म के एक मामले में तीन दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने घटना के लिए जिम्मेदार मुख्य दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 34 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। वारदात में शामिल रहे दो सहयोगियों को भी पांच-पांच साल की सजा से दंड़ित किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक को 14 हजार रुपये के अर्थदंड से दंड़ित किया गया है।
वादी अभियोजन के अनुसार कौशाम्बी थाना क्षेत्र के एक गांव से छह साल पहले तीन युवक वादी की 15 वर्षीय पुत्री को बहलाकर ले गए। मामले में वादी ने बैगवां निवासी गुलाब कुशवाहा उर्फ नीलू व उमाकांत सेन तथा रसूलपुर बडगांव निवासी राहुल अग्रहरि के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचनात्मक कार्रवाई करते पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे का ट्रायल अपर जिला जज कोर्ट संख्या सात बृजेश कुमार यादव की कोर्ट में किया गया। राज्य की ओर से एडीजीसी पुरुषोत्तम लाल गुप्ता व संजय कुमार मिश्र ने वादी और पीड़िता समेत कुल नौ गवाहों को न्यायालय में पेश करके गवाही कराई। बहस करते हुए वादी के अधिवक्ताओं ने तीनों दोषियों पर अपराध साबित बताते हुए सजा सुनाने का अनुरोध किया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने विवेचना की खामियों पर बल देते हुए आरोपियों को संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त किए जाने की अपील की। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य का मूल्यांकन करने के बाद शनिवार को कोर्ट ने सजा सुनाई दी।