आकर्षक कलात्मक चौकियों ने किया मंत्रमुग्ध
चारों भाइयों का मिलन देख भर आईं आंखें
मंझनपुर/पश्चिमशरीरा। भरत मिलाप व राम के राज्याभिषेक के साथ जिला मुख्यालय मंझनपुर तथा पश्चिमशरीरा बाजार के दो दिवसीय दशहरा मेला का समापन गुरुवार की रात हुआ। मेले में आधा दर्जन से अधिक निकली कलात्मक चौकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इस दौरान दोनों कस्बे बिजली की सजावटों से जगमग रहे।
मंझनपुर कस्बे में इस बार भरत मिलाप का कार्यक्रम काफी शानदार रहा। बाजार में बने मंच पर एक तरफ से लंका विजय कर प्रभु श्रीराम, अनुज लक्ष्मण, पत्नी सीता व हनुमान जी के साथ पहुंचते हैं। दूसरी तरफ भाई भरत और शत्रुघ्न पहुंचे। रामलीला कमेटी के संरक्षक मंडल के सदस्य राजन केसरवानी, अध्यक्ष मुकुंदी लाल ने प्रभु की आरती उतारी। चारों भाइयों का मिलन देख मौजूद दर्शकों की आंखे छलछला उठी। समूचा परिसर प्रभु के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर सुशील केसरवानी, शिवेंद्र कुमार उर्फ रिंकू, अंशुल केसरवानी, पंकज शर्मा, मनोज, देवेश श्रीवास्तव, रज्जू, धीरज केसरी, कल्लू सोनी, राजू पसारी, कल्लू पंडा आदि पदाधिकारियों समेत हजारों की भीड़ मौजूद रही। इस मौके पर लगे मेले में अलग-अलग कमेटियों की ओर सेे चार कलात्मक चौकियां निकाली गईं। नगर भ्रमण के दौरान सभी ने एक से बढ़कर एक सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत किया। शिव तांडव, काली तांडव, राधा-कृष्ण नृत्य, हनुमान झांकी आदि प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। अंत में मेला कमेटी के आयोजकों ने सभी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान जतिन केसरवानी, दीपक कश्यप सिद्घार्थ गौतम, अनिल गौतम,अनिल कुमार, अंशुल केसरवानी, गोपी मोदनवाल, किशन, पंकज सोनी, आकाश केसरवानी, मनोज, अंकुर, साहिल चौरसिया, अनुराग समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। इसी तरह से पश्चिमशरीरा कस्बे के दंगल मैदान में भरत मिलाप के मौके पर तीन सांस्कृतिक एवं विद्युत झालरों से सजी चौकियां निकाली गईं। कस्बे के मो निसार ने महारानी लक्ष्मी बाई की वीरता भरी चौकी निकाली। इस चौकी को प्रथम पुरस्कार दिया गया। दूसरा पुरस्कार आनंद मिश्र को अश्वमेघ यज्ञ की चौकी के लिए तथा कलात्मक चौकियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। एक चौकी नई बाजार के अंकित साहू और रिंकू केशरवानी ने संयुक्त रूप से निकाली। इसमें राधा-कृष्ण नृत्य, काली नृत्य, शिव तांडव का मंचन किया गया था। भरत मिलाप के मंच मे राम लक्ष्मण सीता जी व हनुमान और भरत-शत्रुघ्न रथ से पहुंचे। सभी भाइयों की आरती करने के बाद राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न एक दूसरे के गले मिले। भगवान राम की राज गद्दी की गई। इस दृश्य को देखते ही मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। इस मौके पर रामलीला कमेटी के पवन मिश्र, संजय मिश्रा, बसंत लाल मिश्रा, विकास मिश्रा, अमर सिंह, श्रीधर पांडेय, शिवभवन गुप्ता, थानाध्यक्ष योगेश तिवारी मौजूद रहे ।
नाभि में तीर लगते ही धूं-धूंकर जल उठा रावण
चरवा। राम विश्राम स्थल पर चल रही 11 दिवसीय रामलीला के 10 वें दिन हनुमान जी लंका दहन कर सीता का पता लगाने के बाद किस्किंधा वापस आए और राम को सारी जानकारी देते हैं। इसके बाद लंका में चढ़ाई की योजना बनती है। रामा दल में मौजूद नल और नील की सहायता से समुद्र में पुल तैयार कर पूरी राम की सेना लंका की तरफ कूच करती हैं। लंका पहुंच कर एक बार फिर जामवंत के कहने पर रावण को अंतिम बार समझाने के लिए अंगद को रावण के दरबार में भेजते हैं। मगर, बात नहीं बनती है। युद्ध का मैदान सजता है और राम से युद्ध करने के लिए मेघनाथ आता है। कई दौर के युद्ध के बाद आखिर में लक्ष्मण मेघनाथ का बध कर देते हैं। इस तरह एक एक कर रावण दल में मौजूद सभी राक्षस वीर मारे जाते है। अंत में रावण खुद युद्ध करने के लिए राम के सामने उपस्थित हो जाता है। भीषण संग्राम के बाद राम द्वारा रावण का वध कर दिया जाता है। इसी के साथ समूचा परिसर जय श्रीराम के उदघोष से गूंज उठा। विभीषण को लंका का राजा नियुक्त कर राम,सीता के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या वापस लौट आते है। अयोध्या की पूरी प्रजा मिलकर राम का फिर से राज तिलक करती है।
गाजे-बाजे के साथ विसर्जित की गई दुर्गा प्रतिमाएं
सरायअकिल। गाजे-बाजे के साथ गुरुवार को भी मां दुर्गे की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इससे पहले प्रतिमाओं को नगर भ्रमण कराया गया। इस दौरान भक्त गुलाल-अबीर उड़ाते हुए नजदीकी तालाब पहुंचे। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियों का विसर्जन किया। सरायअकिल कस्बे व आसपास के गांवों में करीब 50 की संख्या में दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए थे। गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मूर्तियों का विसर्जन हुआ। सुबह से कस्बा के लोग मूर्ति विसर्जन की तैयारियां करनें लगे और 12 बजे से मूर्तियों का निकलना प्रारंभ हो गया। नगर भ्रमण के बाद बेरुई तालाब में सभी प्रतिमाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विसर्जन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कस्बाई महिलाएं, पुरुष एवं युवा गाजे-बाजे के धुन पर नाचते गाते रहे। विसर्जन यात्रा में चेयरमैन शिवदानी, गोपाल केशरवानी, राजेश चौधरी, गौरीशंकर मोदनवाल, समर रस्तोगी, राकेश अग्रहरि, अनुराग अग्रहरि, नरोत्तम अग्रहरि, रामबहादुर जायसवाल, रमेश स्वर्णकार, सुनील सोनी,पीयूष रस्तोगी, रामू अग्रहरि आदि लोग मौजूद रहे।
दारानगर की रामलीला में हुआ भरत मिलाप
कड़ा। दारानगर मे 240 वें दशहरा महोत्सव में गुरुवार को प्रभू श्रीराम ने लंका का राज्य विभीषण को सौंपा। इसके बाद भाई लक्ष्मण व अद्र्धांगिनी सीता के साथ पुष्पक विमान से वापस अपने राज्य अयोध्या पहुंचे। भाई भरत को जैसे ही प्रभू श्री राम के आने की खबर हनुमान जी द्वारा मिली। वह भाव विभोर हो गए। खुशी से पूरे अयोध्या वासी झूम पड़े। प्रभू श्री राम की चरण पादुका भइया भरत जी ने देकर अयोध्या के राज्य का राजा बनाने की घोषणा की। कमेटी के अध्यक्ष आद्या प्रसाद पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम का राज्याभिषेक विधवत् मंत्रोच्चारण के साथ होगा।
ramlila organised with good chaukies- फोटो : KAUSHAMBI
ramlila organised with good chaukies- फोटो : KAUSHAMBI