शनिवार को दशहरा मेले का आयोजन मंझनपुर और सरायअकिल कस्बे में हुआ। मेले में भगवान राम का बाण लगते ही रावण का पुतला धू-धूकर जल उठा। इस नजारे को देखने के लिए उमड़े जनसैलाब ने जय श्रीराम के नारे लगाए। रावण दहन के बाद देर रात तक निकली रंग-बिरंगी चौकियों का लोगों ने लुत्फ उठाया। इस दौरान पुलिस व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त नजर आई।
विजय दशमी के दिन जिले के मंझनपुर व सरायअकिल कस्बे में दशहरे मेले का आयोजन किया जाता है। शनिवार को दोनों कस्बों में लगे मेले का आनंद उठाने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा आस-पास गांवों के लोग भारी संख्या में पहुंचे। मंझनपुर में आयोजित दशहरा मेले में आधी रात को रावण का दहन किया गया। इस नजारे को देखने के लिए कस्बे में लोगों का सैलाब नजर आया। रावण बध के बाद मेला कमेटी द्वारा कई रंग-बिरंगी चौकियां निकाली गईं। देर रात तक दर्शक चौकियाें का आनंद लेते रहे और भोर होने पर घर को गए।
इसी तरह सरायअकिल कस्बे में दर्शकों की भीड़ रात के नौ बजे तक जुट गई। रावण बध का नजारा देखने के लिए मंचन स्थल दर्शकों से खचाखच भरा रहा। रावण का बध होते ही मेला परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद कस्बे में भगवान शिव के तांडव नृत्य सहित कई चौकियां निकाली गईं। इन चौकियों का दर्शक देर रात तक आनंद लेते रहे। मेले में आए दर्शकों की सरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था मंझनपुर व सरायअकिल में चाकचौबंद नजर आई।