बुधवार की रात दशहरा पर्व के मौके पर भरत मिलाप लीला का मंचन मेले में हुआ। नजारे को देखने के लिए मेले में दर्शकों का रेला लगा रहा। वनवास से लौटते ही भरत ने प्रभु श्रीराम के गले मिलकर उन्हें राजगद्दी सौंप दी। इस मार्मिक लीला को देख दर्शक भाव विभोर हो उठे।
दशहरा मेले के दूसरे दिन बुधवार को भरत मिलाप लीला का मंचन किया गया। इस क्रम में मंझनपुर मेले में भरत मिलाप लीला का मंचन कलाकारों ने रात 12 बजे किया। भरत मिलाप देखने के लिए कस्बा सहित आस-पास के गांवों के दर्शकों की भीड़ से कस्बे की सड़कें खचाखच भरी रहीं। भरत ने 14 साल वनवास काटकर आए बड़े भाई श्रीराम के चरणों में मस्तक रख दिया। भावविभोर होकर प्रभु श्रीराम ने भरत को उठाकर अश्रुपूरित नयनों के साथ गले लगा लिया।
इस मार्मिक मंचन को देख दर्शकों की आंखें डबडबा आई। इसी तरह सरायअकिल, मनौरी, दारानगर, पश्चिम शरीरा में रामलीला के कलाकारों ने भरत मिलाप लीला का मंचन किया। इसे देखने के लिए मेले में दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद रही। मेले में दूसरे दिन निकाली गई आकर्षक चौकियों को कमेटी द्वारा नगद पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया गया। पश्चिम शरीरा में पुरस्कार वितरण ग्राम प्रधान प्रमिला देवी ने किया। इसी के साथ दशहरा मेला और रामलीला मंचन का कार्यक्रम समाप्त हो गया।
मीना बाजार में महिलाओं ने की जमकर खरीदारी
मंझनपुर में मेला में बुधवार की रात मीना बाजार में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। दूर दराज के गांवों से आई महिलाओं में मीना बाजार में खरीदारी को लेकर उत्साह रहा। मीना बाजार में पुरुषों के प्रवेश पर पाबंदी थी। यहां सुरक्षा के तगड़े इंतजाम भी किए गए थे।